भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की टाउनशिप में रहने वाले 3,946 आवासधारियों को किराए में बड़ी राहत मिली है। बीएसपी प्रबंधन ने रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का मासिक किराया घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट कर दिया है। 2 नवंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार नई दर लागू की गई है। इससे रिटेंशन श्रेणी के आवासधारियों को 75 प्रतिशत और थर्ड पार्टी श्रेणी के परिवारों को 25 प्रतिशत की राहत मिलेगी।इस फैसले से कुल 3,946 आवासधारी लाभान्वित होंगे। इनमें 1,158 रिटेंशन और 2,788 थर्ड पार्टी श्रेणी के आवास शामिल हैं। पहले रिटेंशन आवासों का किराया 24 रुपए और थर्ड पार्टी आवासों का किराया 8 रुपए प्रति वर्गफीट था।उदाहरण के तौर पर 500 वर्गफीट के रिटेंशन मकान का किराया पहले 12 हजार रुपए प्रतिमाह था, जो अब घटकर 3 हजार रुपए रह जाएगा। यानी हर महीने 9 हजार और सालाना 1.08 लाख रुपए की बचत होगी।खास बात यह है कि संशोधित आदेश में पिछली अवधि के किराए की दोबारा गणना और अतिरिक्त जमा राशि के समायोजन का भी प्रावधान है। इससे पेंशन पर निर्भर सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था आगामी आदेश तक अंतरिम रूप से लागू रहेगी।
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की टाउनशिप में रहने वाले 3,946 आवासधारियों को किराए में बड़ी राहत मिली है। बीएसपी प्रबंधन ने रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का मासिक किराया घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट कर दिया है। 2 नवंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार नई दर लागू की गई है। इससे रिटेंशन श्रेणी के आवासधारियों को 75 प्रतिशत और थर्ड पार्टी श्रेणी के परिवारों को 25 प्रतिशत की राहत मिलेगी।
इस फैसले से कुल 3,946 आवासधारी लाभान्वित होंगे। इनमें 1,158 रिटेंशन और 2,788 थर्ड पार्टी श्रेणी के आवास शामिल हैं। पहले रिटेंशन आवासों का किराया 24 रुपए और थर्ड पार्टी आवासों का किराया 8 रुपए प्रति वर्गफीट था।
उदाहरण के तौर पर 500 वर्गफीट के रिटेंशन मकान का किराया पहले 12 हजार रुपए प्रतिमाह था, जो अब घटकर 3 हजार रुपए रह जाएगा। यानी हर महीने 9 हजार और सालाना 1.08 लाख रुपए की बचत होगी।
खास बात यह है कि संशोधित आदेश में पिछली अवधि के किराए की दोबारा गणना और अतिरिक्त जमा राशि के समायोजन का भी प्रावधान है। इससे पेंशन पर निर्भर सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था आगामी आदेश तक अंतरिम रूप से लागू रहेगी।
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