दुर्ग। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में प्रमोटर सौरभ चंद्राकर से जुड़ी जांच को लेकर दुर्ग जिले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सौरभ से जुड़े पुराने आपराधिक मामलों की जांच अब महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। जानकारी के मुताबिक, दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना और जामुल थाना में दर्ज अपराधों की केस डायरी केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने अपने पास सुरक्षित रखी है।बताया जा रहा है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में सौरभ के खिलाफ दुर्ग जिले में पहली बार आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। सौरभ चंद्राकर भिलाई के कैंप-1 स्थित मदर टेरेसा नगर का निवासी बताया जाता है। स्थानीय स्तर पर दर्ज इन पुराने मामलों को अब महादेव एप से जुड़े व्यापक जांच के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इधर, सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से जुड़ी संभावनाओं और जांच की गतिविधियों को देखते हुए दुर्ग पुलिस भी अलर्ट हो गई है। पुलिस स्तर पर मामले से संबंधित जानकारियों और पुराने रिकॉर्ड को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।महादेव ऑनलाइन सट्टा एप का मामला देशभर में चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में वित्तीय लेनदेन, कथित नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं। ऐसे में दुर्ग जिले में दर्ज पुराने अपराधों की केस डायरी सीबीआई के पास सुरक्षित होना जांच की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।फिलहाल, इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को लेकर जांच एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मामले में अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
बताया जा रहा है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में सौरभ के खिलाफ दुर्ग जिले में पहली बार आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। सौरभ चंद्राकर भिलाई के कैंप-1 स्थित मदर टेरेसा नगर का निवासी बताया जाता है। स्थानीय स्तर पर दर्ज इन पुराने मामलों को अब महादेव एप से जुड़े व्यापक जांच के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इधर, सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से जुड़ी संभावनाओं और जांच की गतिविधियों को देखते हुए दुर्ग पुलिस भी अलर्ट हो गई है। पुलिस स्तर पर मामले से संबंधित जानकारियों और पुराने रिकॉर्ड को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
महादेव ऑनलाइन सट्टा एप का मामला देशभर में चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में वित्तीय लेनदेन, कथित नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं। ऐसे में दुर्ग जिले में दर्ज पुराने अपराधों की केस डायरी सीबीआई के पास सुरक्षित होना जांच की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को लेकर जांच एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मामले में अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
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