भिलाई-दुर्ग। छत्तीसगढ़ में सवर्ण अधिकारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की तैयारी तेज हो गई है। सवर्ण अधिकार न्याय यात्रा एवं EWS क्रांति के तहत 23 अक्टूबर को भिलाई के सिविक सेंटर, सेक्टर-06 में प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों ने इस आंदोलन के माध्यम से सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखने का ऐलान किया है।श्री राजपूत करणी सेना (काली विचारधारा) सहित अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह, प्रदेश महामंत्री मानवेंद्र सिंह, नीलू सिंह, अमित सिंह और नविता शशिकांत तिवारी मौजूद रहे।चार प्रमुख मांगों को लेकर होगा प्रदर्शनआयोजकों के मुताबिक, आंदोलन की पहली मांग UGC Regulations, 2026 को वापस लेने की है। संगठन का कहना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न से बचाव के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान और निष्पक्ष संरक्षण मिले।दूसरी मांग EWS अभ्यर्थियों को राहत देने से संबंधित है। संगठन राजस्थान मॉडल के आधार पर EWS प्रमाण-पत्र की वैधता तीन वर्ष करने, सरकारी भर्तियों में अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने और कंडिका 6.3 में संशोधन की मांग कर रहा है। साथ ही, भर्ती में खाली रह जाने वाले संबंधित पदों को अगले भर्ती वर्ष में EWS बैकलॉग के रूप में आगे बढ़ाने की मांग भी उठाई जाएगी।तीसरी मांग SC/ST एक्ट में प्रक्रियागत सुधार की है। पदाधिकारियों ने निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। वहीं, चौथी मांग सामान्य वर्ग के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए सवर्ण आयोग का गठन करने की है।1500 से 2000 लोगों के शामिल होने की संभावनाप्रदेश महामंत्री मानवेंद्र सिंह के अनुसार, दुर्ग, रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से करीब 1500 से 2000 लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है। यह संख्या आयोजकों का अनुमान है।प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने समाज के लोगों और युवाओं से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सवर्ण अधिकार न्याय यात्रा एवं EWS क्रांति का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।मानवेंद्र सिंह ने कहा कि EWS अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान और सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए निष्पक्ष संरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी है।आयोजकों के मुताबिक, 23 अक्टूबर को सिविक सेंटर, सेक्टर-06, भिलाई में प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अब इस कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी और सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
भिलाई-दुर्ग। छत्तीसगढ़ में सवर्ण अधिकारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की तैयारी तेज हो गई है। सवर्ण अधिकार न्याय यात्रा एवं EWS क्रांति के तहत 23 अक्टूबर को भिलाई के सिविक सेंटर, सेक्टर-06 में प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों ने इस आंदोलन के माध्यम से सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखने का ऐलान किया है।
श्री राजपूत करणी सेना (काली विचारधारा) सहित अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह, प्रदेश महामंत्री मानवेंद्र सिंह, नीलू सिंह, अमित सिंह और नविता शशिकांत तिवारी मौजूद रहे।
आयोजकों के मुताबिक, आंदोलन की पहली मांग UGC Regulations, 2026 को वापस लेने की है। संगठन का कहना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न से बचाव के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान और निष्पक्ष संरक्षण मिले।
दूसरी मांग EWS अभ्यर्थियों को राहत देने से संबंधित है। संगठन राजस्थान मॉडल के आधार पर EWS प्रमाण-पत्र की वैधता तीन वर्ष करने, सरकारी भर्तियों में अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट देने और कंडिका 6.3 में संशोधन की मांग कर रहा है। साथ ही, भर्ती में खाली रह जाने वाले संबंधित पदों को अगले भर्ती वर्ष में EWS बैकलॉग के रूप में आगे बढ़ाने की मांग भी उठाई जाएगी।
तीसरी मांग SC/ST एक्ट में प्रक्रियागत सुधार की है। पदाधिकारियों ने निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। वहीं, चौथी मांग सामान्य वर्ग के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए सवर्ण आयोग का गठन करने की है।
प्रदेश महामंत्री मानवेंद्र सिंह के अनुसार, दुर्ग, रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से करीब 1500 से 2000 लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है। यह संख्या आयोजकों का अनुमान है।
प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने समाज के लोगों और युवाओं से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सवर्ण अधिकार न्याय यात्रा एवं EWS क्रांति का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।
मानवेंद्र सिंह ने कहा कि EWS अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान और सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए निष्पक्ष संरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी है।
आयोजकों के मुताबिक, 23 अक्टूबर को सिविक सेंटर, सेक्टर-06, भिलाई में प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अब इस कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी और सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
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