दुर्ग जिले की सीमा से लगे खारुन नदी पुल पर शुक्रवार को बड़ा हादसा टल गया। रायपुर से दुर्ग की ओर जा रही पायल बस तेज रफ्तार के चलते अनियंत्रित हो गई और पुल के डिवाइडर से टकराने के बाद रेलिंग पर जा चढ़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा रेलिंग पर अटक गया और वह नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई।हादसे के वक्त बस में 20 से ज्यादा यात्री सवार थे। बस के रेलिंग पर चढ़ते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। गनीमत रही कि बस नदी में नहीं गिरी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।हादसे के बाद बस पुल पर ही फंस गई, जिससे रायपुर-दुर्ग मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस मार्ग पर रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही होती है।मामला दुर्ग और रायपुर जिले की सीमा से जुड़ा होने के कारण कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज होने और हादसे के कारणों की जांच शुरू होने की जानकारी सामने नहीं आई थी।
दुर्ग जिले की सीमा से लगे खारुन नदी पुल पर शुक्रवार को बड़ा हादसा टल गया। रायपुर से दुर्ग की ओर जा रही पायल बस तेज रफ्तार के चलते अनियंत्रित हो गई और पुल के डिवाइडर से टकराने के बाद रेलिंग पर जा चढ़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा रेलिंग पर अटक गया और वह नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई।
हादसे के वक्त बस में 20 से ज्यादा यात्री सवार थे। बस के रेलिंग पर चढ़ते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। गनीमत रही कि बस नदी में नहीं गिरी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
हादसे के बाद बस पुल पर ही फंस गई, जिससे रायपुर-दुर्ग मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस मार्ग पर रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही होती है।
मामला दुर्ग और रायपुर जिले की सीमा से जुड़ा होने के कारण कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज होने और हादसे के कारणों की जांच शुरू होने की जानकारी सामने नहीं आई थी।
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