भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किए गए स्क्रैप को निजी औद्योगिक संस्थान में खपाए जाने के मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा के मैनेजिंग डायरेक्टर और एक डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 21 हो गई है।दरअसल, थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र में 26 मई 2026 को अकलोरडीही खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स से बड़ी मात्रा में लोहे का स्क्रैप बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 277/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जांच शुरू की थी।मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस को कथित तौर पर यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किया गया स्क्रैप रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के रसमड़ा स्थित औद्योगिक संस्थान में खपाया जा रहा था।पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कंपनी के दो पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें 60 वर्षीय विनोद कुमार गर्ग, निवासी वालफोर्ट सिटी, भाठागांव, रायपुर, जो रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बताए गए हैं, और 39 वर्षीय संदीप कुमार, निवासी एसबीआई कॉलोनी, जुनवानी रोड, स्मृति नगर, दुर्ग, जो कंपनी के डायरेक्टर बताए गए हैं, शामिल हैं।दोनों आरोपियों को 18 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, प्रकरण की विवेचना अभी जारी है और पुलिस द्वारा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, आरोपियों की भूमिका तथा स्क्रैप की कथित सप्लाई और खपत से संबंधित कड़ियों की जांच की जा रही है।भिलाई स्टील प्लांट से स्क्रैप चोरी और उसके कथित तौर पर औद्योगिक इकाई में खपाए जाने से जुड़े इस मामले में दो बड़े कंपनी पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किए गए स्क्रैप को निजी औद्योगिक संस्थान में खपाए जाने के मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा के मैनेजिंग डायरेक्टर और एक डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 21 हो गई है।
दरअसल, थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र में 26 मई 2026 को अकलोरडीही खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स से बड़ी मात्रा में लोहे का स्क्रैप बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 277/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जांच शुरू की थी।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस को कथित तौर पर यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किया गया स्क्रैप रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के रसमड़ा स्थित औद्योगिक संस्थान में खपाया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कंपनी के दो पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें 60 वर्षीय विनोद कुमार गर्ग, निवासी वालफोर्ट सिटी, भाठागांव, रायपुर, जो रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बताए गए हैं, और 39 वर्षीय संदीप कुमार, निवासी एसबीआई कॉलोनी, जुनवानी रोड, स्मृति नगर, दुर्ग, जो कंपनी के डायरेक्टर बताए गए हैं, शामिल हैं।
दोनों आरोपियों को 18 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, प्रकरण की विवेचना अभी जारी है और पुलिस द्वारा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, आरोपियों की भूमिका तथा स्क्रैप की कथित सप्लाई और खपत से संबंधित कड़ियों की जांच की जा रही है।
भिलाई स्टील प्लांट से स्क्रैप चोरी और उसके कथित तौर पर औद्योगिक इकाई में खपाए जाने से जुड़े इस मामले में दो बड़े कंपनी पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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