छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC पेपर लीक मामले में ED की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। एजेंसी के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 ट्रांजेक्शन के जरिए 66.64 लाख रुपए कैश जमा हुए। चेतन और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में हैं।ED के दावे के अनुसार, CGPSC परीक्षा 2021 में कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में प्रिलिम्स के प्रश्नपत्र बांटने और बरनवापारा अभयारण्य के रिसॉर्ट में लीक पेपर के आधार पर कोचिंग देने का आरोप है।जांच में उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर पर अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की कथित अवैध रकम जुटाने का आरोप है। ED को डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच में बातचीत और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।11 सितंबर 2026 को चेतन बोरघरिया को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंची।
छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC पेपर लीक मामले में ED की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। एजेंसी के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में 170 ट्रांजेक्शन के जरिए 66.64 लाख रुपए कैश जमा हुए। चेतन और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में हैं।
ED के दावे के अनुसार, CGPSC परीक्षा 2021 में कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में प्रिलिम्स के प्रश्नपत्र बांटने और बरनवापारा अभयारण्य के रिसॉर्ट में लीक पेपर के आधार पर कोचिंग देने का आरोप है।
जांच में उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर पर अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की कथित अवैध रकम जुटाने का आरोप है। ED को डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच में बातचीत और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।
11 सितंबर 2026 को चेतन बोरघरिया को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंची।
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