छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के सबसे बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। रायपुर में आयोजित तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।कांग्रेस में शामिल होने के बाद ढाल दास ने कहा कि जनता जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। उन्होंने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर की। उनका कहना है कि पार्टी उन्हें जिस सीट से चुनाव लड़ने का मौका देगी, वे वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। ढाल दास के मुताबिक, कांग्रेस में जाने से पहले उन्होंने अपने पिता गुरु बालदास और भाई मंत्री खुशवंत साहेब से चर्चा की थी और दोनों को इसकी जानकारी थी।वहीं मंत्री खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर परिवार और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाई अलग राजनीतिक दल में होने के बावजूद पारिवारिक रिश्ते पहले की तरह कायम रहेंगे।ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने से मुंगेली और सतनामी समाज के सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के सबसे बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। रायपुर में आयोजित तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद ढाल दास ने कहा कि जनता जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। उन्होंने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर की। उनका कहना है कि पार्टी उन्हें जिस सीट से चुनाव लड़ने का मौका देगी, वे वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। ढाल दास के मुताबिक, कांग्रेस में जाने से पहले उन्होंने अपने पिता गुरु बालदास और भाई मंत्री खुशवंत साहेब से चर्चा की थी और दोनों को इसकी जानकारी थी।
वहीं मंत्री खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर परिवार और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाई अलग राजनीतिक दल में होने के बावजूद पारिवारिक रिश्ते पहले की तरह कायम रहेंगे।
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने से मुंगेली और सतनामी समाज के सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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