छत्तीसगढ़ में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक कुल 344 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। बीते दो दिनों में ही 85 नए केस दर्ज हुए हैं। 9 सितंबर की रिपोर्ट में प्रदेश में 39 नए मरीज मिले, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 344 पहुंच गई।रायपुर स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है। यहां कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 146 हो गई है, जो प्रदेश के कुल मामलों का करीब 42% है। रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में 41-41 मरीज दर्ज किए गए हैं।प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या भी बढ़कर 122 हो गई है। इनमें 90 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 32 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। राहत की बात यह है कि अब तक H1N1 से प्रदेश में किसी मौत की सूचना नहीं है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षण गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक कुल 344 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। बीते दो दिनों में ही 85 नए केस दर्ज हुए हैं। 9 सितंबर की रिपोर्ट में प्रदेश में 39 नए मरीज मिले, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 344 पहुंच गई।
रायपुर स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है। यहां कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 146 हो गई है, जो प्रदेश के कुल मामलों का करीब 42% है। रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में 41-41 मरीज दर्ज किए गए हैं।
प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या भी बढ़कर 122 हो गई है। इनमें 90 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 32 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। राहत की बात यह है कि अब तक H1N1 से प्रदेश में किसी मौत की सूचना नहीं है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षण गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
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