भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर गुरुवार सुबह प्रदर्शन हुआ। सेक्टर-1 के मुर्गा चौक पर स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक और स्टील ठेका श्रमिक यूनियन-इंटक के बैनर तले सुबह 7:45 से 8:45 बजे तक कर्मचारियों और श्रमिकों ने सेल-बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद सेल अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पंडा के नाम संबोधित मांग पत्र आईआर विभाग को सौंपा गया।यूनियन ने 39 महीने से लंबित एरियर्स का जल्द भुगतान, 1 जनवरी 2027 से नए वेज रिवीजन की प्रक्रिया शुरू करने, मंथली इंसेंटिव स्कीम को संशोधित कर हर महीने 10 हजार रुपए देने और 650 वर्गफीट आवासों को लाइसेंस पर देने की मांग की।ठेका श्रमिकों के लिए नवंबर 2025 से लागू केंद्रीय न्यूनतम वेतन को BSP में लागू करने और कम से कम 26 हजार रुपए वेतन देने की मांग भी उठाई गई। यूनियन ने मेडिकल और छंटनी के नाम पर ठेका श्रमिकों को हटाने का विरोध किया। महासचिव संजय कुमार साहू ने चेतावनी दी कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर गुरुवार सुबह प्रदर्शन हुआ। सेक्टर-1 के मुर्गा चौक पर स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक और स्टील ठेका श्रमिक यूनियन-इंटक के बैनर तले सुबह 7:45 से 8:45 बजे तक कर्मचारियों और श्रमिकों ने सेल-बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद सेल अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पंडा के नाम संबोधित मांग पत्र आईआर विभाग को सौंपा गया।
यूनियन ने 39 महीने से लंबित एरियर्स का जल्द भुगतान, 1 जनवरी 2027 से नए वेज रिवीजन की प्रक्रिया शुरू करने, मंथली इंसेंटिव स्कीम को संशोधित कर हर महीने 10 हजार रुपए देने और 650 वर्गफीट आवासों को लाइसेंस पर देने की मांग की।
ठेका श्रमिकों के लिए नवंबर 2025 से लागू केंद्रीय न्यूनतम वेतन को BSP में लागू करने और कम से कम 26 हजार रुपए वेतन देने की मांग भी उठाई गई। यूनियन ने मेडिकल और छंटनी के नाम पर ठेका श्रमिकों को हटाने का विरोध किया। महासचिव संजय कुमार साहू ने चेतावनी दी कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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