रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ED की कार्रवाई से जुड़ी एक खबर मोबाइल के WhatsApp स्टेटस पर लगाना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोप है कि खबर स्टेटस पर लगाने के बाद युवक को फोन कर गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई कि “मारते-मारते थाने ले जाऊंगा और 6 महीने के लिए जेल में डलवा दूंगा।” धमकी से डरकर युवक को अपना गांव छोड़कर बाहर जाना पड़ा। फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो भी सामने आया है।मामले में पाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ED की कार्रवाई में सामने आए अनिल चंद्राकर और युवक को धमकी देने वाले जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति बताए जा रहे हैं।स्टेटस लगाने के अगले दिन आया फोनमामला पाटन क्षेत्र के रूही गांव का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले परमेश्वर सिंगौर ने 3 सितंबर को WhatsApp पर एक अखबार में प्रकाशित खबर की कटिंग अपने स्टेटस पर लगाई थी।यह खबर ED की कार्रवाई से संबंधित थी और इसमें अनिल चंद्राकर नाम का भी उल्लेख था। परमेश्वर के मुताबिक, उन्होंने यह खबर केवल उत्सुकता और जानकारी के लिए अपने स्टेटस पर लगाई थी। उनका कहना है कि वह खबर में नाम आने वाले किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं और न ही उनका उनसे कोई विवाद है।लेकिन अगले ही दिन यानी 4 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। शिकायत के मुताबिक, फोन करने वाले ने खुद को अनिल चंद्राकर बताया और स्टेटस पर खबर लगाने को लेकर परमेश्वर से कथित तौर पर गाली-गलौज की।आरोप है कि फोन करने वाले ने धमकी देते हुए कहा कि उसे मारते-मारते थाने ले जाएगा और जेल में डलवा देगा।परमेश्वर ने बातचीत के दौरान उसे समझाने की कोशिश की कि उन्होंने किसी को बदनाम करने या अपमानित करने के लिए खबर स्टेटस पर नहीं लगाई थी। उनका कहना है कि वह केवल अखबार में प्रकाशित खबर को देखकर उसे अपने स्टेटस पर शेयर कर रहे थे। इसके बावजूद कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी जारी रही।बातचीत का ऑडियो पुलिस को सौंपापरमेश्वर के मुताबिक, फोन पर हुई बातचीत से वह काफी डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से पूरी बातचीत रिकॉर्ड कराई।बाद में इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में लेकर पुलिस को सौंपने की बात कही गई है। इसी रिकॉर्डिंग को अब मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि फोन पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके बाद जब उसे आरोपी के गांव आने की जानकारी मिली तो उसकी चिंता और बढ़ गई।गांव आने की सूचना के बाद घर छोड़ापरमेश्वर के अनुसार, 4 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर उसे गांव के ही हितेंद्र पटेल ने फोन किया।हितेंद्र ने कथित तौर पर बताया कि अनिल चंद्राकर गांव आए हैं और उसे बुला रहे हैं। शिकायत में परमेश्वर ने आरोप लगाया है कि उसे यह भी कहा गया कि आज तुम्हें जान से मार देंगे।इस सूचना के बाद परमेश्वर डर गया और घर छोड़कर चला गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी जान का डर है और इसी वजह से वह फिलहाल घर से बाहर रहने को मजबूर है।हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस फोन रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल और श
रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ED की कार्रवाई से जुड़ी एक खबर मोबाइल के WhatsApp स्टेटस पर लगाना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोप है कि खबर स्टेटस पर लगाने के बाद युवक को फोन कर गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई कि “मारते-मारते थाने ले जाऊंगा और 6 महीने के लिए जेल में डलवा दूंगा।” धमकी से डरकर युवक को अपना गांव छोड़कर बाहर जाना पड़ा। फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो भी सामने आया है।
मामले में पाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ED की कार्रवाई में सामने आए अनिल चंद्राकर और युवक को धमकी देने वाले जामगांव एम के किराना दुकान संचालक अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति बताए जा रहे हैं।
मामला पाटन क्षेत्र के रूही गांव का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले परमेश्वर सिंगौर ने 3 सितंबर को WhatsApp पर एक अखबार में प्रकाशित खबर की कटिंग अपने स्टेटस पर लगाई थी।
यह खबर ED की कार्रवाई से संबंधित थी और इसमें अनिल चंद्राकर नाम का भी उल्लेख था। परमेश्वर के मुताबिक, उन्होंने यह खबर केवल उत्सुकता और जानकारी के लिए अपने स्टेटस पर लगाई थी। उनका कहना है कि वह खबर में नाम आने वाले किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं और न ही उनका उनसे कोई विवाद है।
लेकिन अगले ही दिन यानी 4 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। शिकायत के मुताबिक, फोन करने वाले ने खुद को अनिल चंद्राकर बताया और स्टेटस पर खबर लगाने को लेकर परमेश्वर से कथित तौर पर गाली-गलौज की।
आरोप है कि फोन करने वाले ने धमकी देते हुए कहा कि उसे मारते-मारते थाने ले जाएगा और जेल में डलवा देगा।
परमेश्वर ने बातचीत के दौरान उसे समझाने की कोशिश की कि उन्होंने किसी को बदनाम करने या अपमानित करने के लिए खबर स्टेटस पर नहीं लगाई थी। उनका कहना है कि वह केवल अखबार में प्रकाशित खबर को देखकर उसे अपने स्टेटस पर शेयर कर रहे थे। इसके बावजूद कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी जारी रही।
परमेश्वर के मुताबिक, फोन पर हुई बातचीत से वह काफी डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से पूरी बातचीत रिकॉर्ड कराई।
बाद में इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में लेकर पुलिस को सौंपने की बात कही गई है। इसी रिकॉर्डिंग को अब मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि फोन पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके बाद जब उसे आरोपी के गांव आने की जानकारी मिली तो उसकी चिंता और बढ़ गई।
परमेश्वर के अनुसार, 4 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर उसे गांव के ही हितेंद्र पटेल ने फोन किया।
हितेंद्र ने कथित तौर पर बताया कि अनिल चंद्राकर गांव आए हैं और उसे बुला रहे हैं। शिकायत में परमेश्वर ने आरोप लगाया है कि उसे यह भी कहा गया कि आज तुम्हें जान से मार देंगे।
इस सूचना के बाद परमेश्वर डर गया और घर छोड़कर चला गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी जान का डर है और इसी वजह से वह फिलहाल घर से बाहर रहने को मजबूर है।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस फोन रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल और श
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