रायपुर में महापौर मीनल चौबे से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो मामले में पुलिस ने यू-ट्यूबर और एंकर सोमा देवांगन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सोमा देवांगन पर सोशल मीडिया के जरिए कथित आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया। पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है। बीजेपी नेताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वीडियो में रायपुर की महापौर मीनल चौबे के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि यह वीडियो फेसबुक, एक वेब पोर्टल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए प्रसारित किया गया। शिकायत के मुताबिक, वीडियो में एक युवक महापौर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करता दिखाई देता है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो में महिलाओं को लेकर भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। आरोप यह भी है कि आपत्तिजनक हिस्सों को हटाए बिना वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान वीडियो से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाने शुरू किए। जांच में वीडियो का मूल स्रोत, इसे तैयार करने वाले लोगों और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट और माध्यमों से आगे प्रसारित हुआ। इसी मामले में पुलिस ने यू-ट्यूबर और एंकर सोमा देवांगन को उद्योग भवन के सामने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। अदालत ने सोमा देवांगन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमा देवांगन की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता थाने पहुंचे। कांग्रेस नेता सनी अग्रवाल, आकाशदीप शर्मा और कामरान अंसारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी का विरोध किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया। नेताओं ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया और पुलिस को बीजेपी का एजेंट तक कह दिया। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल सोमा देवांगन न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अब जांच में वीडियो के मूल स्रोत और इसके निर्माण एवं प्रसारण से जुड़े और किन लोगों की भूमिका सामने आती है, यह देखना अहम होगा।
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