दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा H1N1 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की 3 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ही दिन में 5 नए मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही 5 अगस्त से अब तक जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।नए संक्रमित मरीजों में 2 को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 3 मरीजों को घर पर आइसोलेट कर इलाज दिया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 10 मरीजों का इलाज जारी है। इनमें 7 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 3 घर पर डॉक्टरों की निगरानी में हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों की हालत सामान्य है।मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियां बढ़ा दी हैं। जिले में 23 अलग वार्डों में 158 बेड रिजर्व रखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पाटन, निकुम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बटरेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।H1N1 संक्रमण से बचाव के लिए खांसते-छींकते समय मुंह ढंकना, हाथ साफ रखना और लक्षण होने पर भीड़ से दूरी बनाए रखना जरूरी है। तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए।
दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा H1N1 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की 3 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ही दिन में 5 नए मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही 5 अगस्त से अब तक जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
नए संक्रमित मरीजों में 2 को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 3 मरीजों को घर पर आइसोलेट कर इलाज दिया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 10 मरीजों का इलाज जारी है। इनमें 7 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 3 घर पर डॉक्टरों की निगरानी में हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों की हालत सामान्य है।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियां बढ़ा दी हैं। जिले में 23 अलग वार्डों में 158 बेड रिजर्व रखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पाटन, निकुम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बटरेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
H1N1 संक्रमण से बचाव के लिए खांसते-छींकते समय मुंह ढंकना, हाथ साफ रखना और लक्षण होने पर भीड़ से दूरी बनाए रखना जरूरी है। तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए।
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