दुर्ग में अफीम की खेती केस में पूर्व BJP नेता विनायक ताम्रकार को हाईकोर्ट से जमानत, FIR रद्द करने से इनकार

दुर्ग में करीब 5 एकड़ जमीन पर कथित अवैध अफीम की खेती के मामले में पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने माना कि कार्रवाई के समय विनायक ताम्रकार खेत में मौजूद नहीं थे और उनके कब्जे से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था।

मामले में पुलिस ने 29 जुलाई को 939 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से 78 गवाह शामिल हैं। पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अभी फरार हैं। 6 मार्च को ग्राम समोदा-झेंझरी में करीब 5 एकड़ जमीन से लगभग 8 करोड़ रुपए कीमत के अफीम के पौधे जब्त किए गए थे।

अभियोजन पक्ष ने खेत में पानी, बिजली, पंप, फव्वारा सिंचाई और CCTV जैसी सुविधाओं के आधार पर विनायक की भूमिका बताई। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि केवल कृषि सुविधाएं होना जानबूझकर कब्जे या खेती में संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

वहीं, कोर्ट ने FIR और आरोप पत्र रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। अब मामले की सुनवाई 9 सितंबर से शुरू होगी।

Comments (0)

    Pls Add Data.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *