देवभोग में किडनी बीमारी का खौफ! 8 मौतों के दावे के बाद लोगों ने छोड़ा बोर का पानी, 1200 तक पहुंचा TDS

गरियाबंद जिले के देवभोग में पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। वार्ड क्रमांक 3 में करीब 350 लोग रहते हैं, जिन्होंने स्थानीय बोर का पानी पीना छोड़ दिया है। ग्रामीण करीब एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले छह वर्षों में किडनी की बीमारी से 15 लोगों की मौत हुई, जिनमें 8 लोग वार्ड क्रमांक 3 के बताए जा रहे हैं। हालांकि इन मौतों को आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड में किडनी बीमारी से जोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद PHE विभाग ने पानी की जांच कराई। रिपोर्ट के मुताबिक देवभोग में 50 से ज्यादा बोर कनेक्शनों के पानी में TDS 800 से 1200 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर का पानी पीने से पेट खराब होने जैसी समस्याएं होती हैं।

वार्ड में किडनी बीमारी से कई लोगों की मौत का दावा किया गया है, जबकि एक निवासी का किडनी ट्रांसप्लांट भी हो चुका है और वह डायलिसिस पर है। BMO प्रकाश साहू के अनुसार ज्यादा TDS वाला पानी लंबे समय तक पीने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। फिलहाल वार्ड में किसी विशेष जलजनित बीमारी के लक्षण सामने नहीं आए हैं।

Comments (0)

    Pls Add Data.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *