भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र में मकान बिक्री के नाम पर 50 लाख रुपए लेने और बाद में उसी मकान को दूसरे व्यक्ति को बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कैलाश नगर, जामुल निवासी कारोबारी इन्द्रजीत सिंह (41) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामला जवाहर नगर आवासीय योजना के प्लाट नंबर 08, ब्लॉक नंबर 23 का है।पुलिस के मुताबिक 26 नवंबर 2024 को इन्द्रजीत सिंह ने सुंदर लाल पटेल, श्रीनिवास मिश्रा, छत्रपति सिंह और शिवशंकर यादव के साथ मकान का सौदा 55 लाख रुपए में तय किया था। खरीदारों ने 26 और 27 नवंबर को 9 चेक के जरिए कुल 50 लाख रुपए आरोपी को दे दिए। 28 नवंबर को 50 रुपए के स्टांप पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा भी तैयार किया गया, लेकिन मकान खरीदारों के नाम ट्रांसफर नहीं हुआ।आरोप है कि करीब डेढ़ साल बाद 17 अप्रैल 2026 को इन्द्रजीत सिंह ने वही मकान विशाल सिंह को 44.26 लाख रुपए में बेच दिया। जांच में मूल विक्रय दस्तावेज गुम होने की रिपोर्ट भी सामने आई, जो आरोपी ने 3 अक्टूबर 2025 को छावनी थाने में दर्ज कराई थी।पूछताछ में आरोपी ने 50 लाख रुपए लेने और मकान दूसरे को बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार उसने रकम अपनी हथखोज स्थित कील-बोल्ट फैक्ट्री में लगा दी थी।
भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र में मकान बिक्री के नाम पर 50 लाख रुपए लेने और बाद में उसी मकान को दूसरे व्यक्ति को बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कैलाश नगर, जामुल निवासी कारोबारी इन्द्रजीत सिंह (41) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामला जवाहर नगर आवासीय योजना के प्लाट नंबर 08, ब्लॉक नंबर 23 का है।
पुलिस के मुताबिक 26 नवंबर 2024 को इन्द्रजीत सिंह ने सुंदर लाल पटेल, श्रीनिवास मिश्रा, छत्रपति सिंह और शिवशंकर यादव के साथ मकान का सौदा 55 लाख रुपए में तय किया था। खरीदारों ने 26 और 27 नवंबर को 9 चेक के जरिए कुल 50 लाख रुपए आरोपी को दे दिए। 28 नवंबर को 50 रुपए के स्टांप पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा भी तैयार किया गया, लेकिन मकान खरीदारों के नाम ट्रांसफर नहीं हुआ।
आरोप है कि करीब डेढ़ साल बाद 17 अप्रैल 2026 को इन्द्रजीत सिंह ने वही मकान विशाल सिंह को 44.26 लाख रुपए में बेच दिया। जांच में मूल विक्रय दस्तावेज गुम होने की रिपोर्ट भी सामने आई, जो आरोपी ने 3 अक्टूबर 2025 को छावनी थाने में दर्ज कराई थी।
पूछताछ में आरोपी ने 50 लाख रुपए लेने और मकान दूसरे को बेचने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार उसने रकम अपनी हथखोज स्थित कील-बोल्ट फैक्ट्री में लगा दी थी।
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