भिलाई के पीपी यार्ड में पदस्थ साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR) के सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर अनमोल उईके को CBI ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में एक बिचौलिए को भी पकड़ा गया है। जानकारी के मुताबिक, एक रेलवे ठेकेदार ने नया ठेका दिलाने और पुराने बिल पास कराने के लिए अधिकारी से संपर्क किया था। आरोप है कि अधिकारी ने इसके बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी और बातचीत के बाद 1 लाख रुपए लेने पर सहमति बनी।ठेकेदार ने इसकी शिकायत CBI से की। इसके बाद एजेंसी ने केमिकल लगे नोटों से भरा लिफाफा शिकायतकर्ता को दिया। अधिकारी के निर्देश पर बिचौलिए ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपए लिए। इसी दौरान CBI टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद भिलाई के पीपी यार्ड कार्यालय के अलावा रायपुर और राजनांदगांव स्थित ठिकानों पर तलाशी ली गई। CBI के मुताबिक, तलाशी में करीब 77 लाख रुपए नकद और 14 लाख रुपए के जेवरात मिले। दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।दोनों आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी होगी। CBI आगे की जांच के लिए रिमांड मांग सकती है और बरामद संपत्ति के स्रोत समेत अन्य लेन-देन की जांच जारी है।
भिलाई के पीपी यार्ड में पदस्थ साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR) के सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर अनमोल उईके को CBI ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में एक बिचौलिए को भी पकड़ा गया है। जानकारी के मुताबिक, एक रेलवे ठेकेदार ने नया ठेका दिलाने और पुराने बिल पास कराने के लिए अधिकारी से संपर्क किया था। आरोप है कि अधिकारी ने इसके बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी और बातचीत के बाद 1 लाख रुपए लेने पर सहमति बनी।
ठेकेदार ने इसकी शिकायत CBI से की। इसके बाद एजेंसी ने केमिकल लगे नोटों से भरा लिफाफा शिकायतकर्ता को दिया। अधिकारी के निर्देश पर बिचौलिए ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपए लिए। इसी दौरान CBI टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद भिलाई के पीपी यार्ड कार्यालय के अलावा रायपुर और राजनांदगांव स्थित ठिकानों पर तलाशी ली गई। CBI के मुताबिक, तलाशी में करीब 77 लाख रुपए नकद और 14 लाख रुपए के जेवरात मिले। दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।
दोनों आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी होगी। CBI आगे की जांच के लिए रिमांड मांग सकती है और बरामद संपत्ति के स्रोत समेत अन्य लेन-देन की जांच जारी है।
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