रायपुर के टिकरापारा इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले करीब डेढ़ साल में टिकरापारा थाना क्षेत्र से 15 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं। इनमें चार धरमनगर, जबकि 11 संजय नगर और संतोषी नगर इलाके से पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक ये लोग लंबे समय से किराए के मकानों में रह रहे थे और इनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे भारतीय दस्तावेज मिले हैं।जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने पासपोर्ट और वीजा तक बनवा लिए थे। दस्तावेज तैयार कराने में तत्कालीन पार्षद की चिट्ठी के इस्तेमाल की बात सामने आई है। पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों का रिकॉर्ड जुटाने के लिए कलेक्टर और आधार केंद्र को पत्र लिखा है।पुलिस के अनुसार, दस्तावेज तैयार करने वाला शेख अली करीब डेढ़ साल से फरार है। वहीं आधा दर्जन अन्य संदिग्ध बांग्लादेशियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश और तस्दीक जारी है। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए लोगों के आधार, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज किस आधार पर बने, इसकी जांच की जा रही है।इस पूरे मामले में अवैध घुसपैठियों की तलाश के लिए बनाई गई एसटीएफ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
रायपुर के टिकरापारा इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले करीब डेढ़ साल में टिकरापारा थाना क्षेत्र से 15 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं। इनमें चार धरमनगर, जबकि 11 संजय नगर और संतोषी नगर इलाके से पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक ये लोग लंबे समय से किराए के मकानों में रह रहे थे और इनके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे भारतीय दस्तावेज मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने पासपोर्ट और वीजा तक बनवा लिए थे। दस्तावेज तैयार कराने में तत्कालीन पार्षद की चिट्ठी के इस्तेमाल की बात सामने आई है। पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों का रिकॉर्ड जुटाने के लिए कलेक्टर और आधार केंद्र को पत्र लिखा है।
पुलिस के अनुसार, दस्तावेज तैयार करने वाला शेख अली करीब डेढ़ साल से फरार है। वहीं आधा दर्जन अन्य संदिग्ध बांग्लादेशियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश और तस्दीक जारी है। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए लोगों के आधार, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज किस आधार पर बने, इसकी जांच की जा रही है।
इस पूरे मामले में अवैध घुसपैठियों की तलाश के लिए बनाई गई एसटीएफ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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