छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। बिलासपुर-कोरबा नेशनल हाईवे पर मंगलवार को एक बेकाबू ट्रेलर ने सड़क पर मौजूद मवेशियों के झुंड को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 9 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक नंदी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलने पर पुलिस और गौसेवक मौके पर पहुंचे। घायल मवेशी का रेस्क्यू कर उसे गौरी गोपाल गौसेवा धाम भेजा गया, जबकि मृत मवेशियों का अंतिम संस्कार किया गया।बीते एक वर्ष में मवेशियों को कुचलने की यह चौथी बड़ी घटना है। इससे पहले भी बिलासपुर और आसपास के हाईवे पर कई हादसों में दर्जनों गायों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं को लेकर हाईकोर्ट लगातार राज्य सरकार और एनएचएआई को फटकार लगाते हुए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद हाईवे पर आवारा मवेशियों की समस्या बनी हुई है।घटना के बाद गौसेवकों और सामाजिक संगठनों ने हाईवे पर फेंसिंग, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड लिमिट, प्रत्येक जिले में गौ एम्बुलेंस और आवारा मवेशियों के लिए स्थायी शेड व चारे की व्यवस्था की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। बिलासपुर-कोरबा नेशनल हाईवे पर मंगलवार को एक बेकाबू ट्रेलर ने सड़क पर मौजूद मवेशियों के झुंड को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 9 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक नंदी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलने पर पुलिस और गौसेवक मौके पर पहुंचे। घायल मवेशी का रेस्क्यू कर उसे गौरी गोपाल गौसेवा धाम भेजा गया, जबकि मृत मवेशियों का अंतिम संस्कार किया गया।
बीते एक वर्ष में मवेशियों को कुचलने की यह चौथी बड़ी घटना है। इससे पहले भी बिलासपुर और आसपास के हाईवे पर कई हादसों में दर्जनों गायों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं को लेकर हाईकोर्ट लगातार राज्य सरकार और एनएचएआई को फटकार लगाते हुए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद हाईवे पर आवारा मवेशियों की समस्या बनी हुई है।
घटना के बाद गौसेवकों और सामाजिक संगठनों ने हाईवे पर फेंसिंग, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड लिमिट, प्रत्येक जिले में गौ एम्बुलेंस और आवारा मवेशियों के लिए स्थायी शेड व चारे की व्यवस्था की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे।
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