भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में 210 किलो स्क्रैप कॉपर चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना में शामिल दो फरार आरोपियों को भिलाई भट्ठी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले के मुख्य आरोपी नेमचंद यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था। अब चोरी की वारदात में शामिल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।पुलिस के अनुसार, 24 मई 2026 को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने प्लेट मिल-03 के पीछे कुछ लोगों को अवैध रूप से प्लांट में घुसकर स्क्रैप कॉपर चोरी करते हुए पकड़ा था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी के कब्जे से करीब 210 किलो स्क्रैप कॉपर, जिसकी कीमत लगभग 1.26 लाख रुपए है, बरामद किया था।घटना के बाद से फरार चल रहे आकाश कुहीकर (34) और प्रीतम कुमार उर्फ पंचू निषाद (31) की लगातार तलाश की जा रही थी। 27 जुलाई को सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में पुलिस आगे भी पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं था।
भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में 210 किलो स्क्रैप कॉपर चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना में शामिल दो फरार आरोपियों को भिलाई भट्ठी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले के मुख्य आरोपी नेमचंद यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था। अब चोरी की वारदात में शामिल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
पुलिस के अनुसार, 24 मई 2026 को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने प्लेट मिल-03 के पीछे कुछ लोगों को अवैध रूप से प्लांट में घुसकर स्क्रैप कॉपर चोरी करते हुए पकड़ा था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मुख्य आरोपी के कब्जे से करीब 210 किलो स्क्रैप कॉपर, जिसकी कीमत लगभग 1.26 लाख रुपए है, बरामद किया था।
घटना के बाद से फरार चल रहे आकाश कुहीकर (34) और प्रीतम कुमार उर्फ पंचू निषाद (31) की लगातार तलाश की जा रही थी। 27 जुलाई को सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में पुलिस आगे भी पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं था।
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