छत्तीसगढ़ और झारखंड में लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल को झारखंड में सुरक्षाबलों ने दो साथियों सहित गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार, 28 जुलाई को मिली खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान यह सफलता मिली। मिसिर बेसरा माओवादी संगठन की पोलित ब्यूरो का सदस्य और ERB इंचार्ज था। उस पर विभिन्न राज्यों की ओर से कुल मिलाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मिसिर बेसरा पर बस्तर क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क मजबूत करने और झारखंड में हुए उस भीषण IED ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप है, जिसमें 55 जवान शहीद हुए थे। सूचना मिली थी कि वह गिरिडीह और पारसनाथ की पहाड़ियों के रास्ते नया ठिकाना तलाश रहा है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।सूत्रों के मुताबिक अब सुरक्षा एजेंसियों का अगला लक्ष्य नक्सली गणपति है, जो नेपाल में छिपा बताया जा रहा है। इससे पहले माओवादी संगठन के शीर्ष नेता बसवा राजू 21 मई 2025 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। एजेंसियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।
छत्तीसगढ़ और झारखंड में लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने मोस्ट वांटेड नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल को झारखंड में सुरक्षाबलों ने दो साथियों सहित गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार, 28 जुलाई को मिली खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान यह सफलता मिली। मिसिर बेसरा माओवादी संगठन की पोलित ब्यूरो का सदस्य और ERB इंचार्ज था। उस पर विभिन्न राज्यों की ओर से कुल मिलाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मिसिर बेसरा पर बस्तर क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क मजबूत करने और झारखंड में हुए उस भीषण IED ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप है, जिसमें 55 जवान शहीद हुए थे। सूचना मिली थी कि वह गिरिडीह और पारसनाथ की पहाड़ियों के रास्ते नया ठिकाना तलाश रहा है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के मुताबिक अब सुरक्षा एजेंसियों का अगला लक्ष्य नक्सली गणपति है, जो नेपाल में छिपा बताया जा रहा है। इससे पहले माओवादी संगठन के शीर्ष नेता बसवा राजू 21 मई 2025 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। एजेंसियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।
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