भिलाई। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से ₹1.50 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को रायपुर स्थित कृषि विभाग में क्लर्क बताकर पहले फेसबुक के जरिए महिला से दोस्ती की और फिर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर अलग-अलग किस्तों में रकम हासिल कर ली। इतना ही नहीं, उसने नौकरी की प्रक्रिया का हवाला देकर महिला के ओरिजनल शैक्षणिक दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर किए हुए कोरे कागज भी अपने पास मंगवा लिए।मामला सुपेला थाना क्षेत्र की स्मृतिनगर चौकी का है। कोहका निवासी 40 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि सरकारी नौकरी की उम्मीद में उसने अपने सोने के गहने गिरवी रखकर पैसे जुटाए और आरोपी द्वारा दिए गए यूपीआई आईडी पर कुल ₹1.50 लाख ट्रांसफर किए। इसके बाद आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा। जब महिला ने नौकरी, पैसे और दस्तावेज वापस मांगे तो उसने मोबाइल बंद कर लिया।पुलिस जांच में सामने आया कि 6 मई 2026 को व्हाट्सएप के माध्यम से आरोपी ने महिला से संपर्क कर ऑनलाइन रकम हासिल की थी। प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के साक्ष्य मिलने पर आरोपी अर्जुन कसेर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी, बैंक खाते, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही महिला की रकम और मूल दस्तावेज बरामद करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
भिलाई। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से ₹1.50 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को रायपुर स्थित कृषि विभाग में क्लर्क बताकर पहले फेसबुक के जरिए महिला से दोस्ती की और फिर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर अलग-अलग किस्तों में रकम हासिल कर ली। इतना ही नहीं, उसने नौकरी की प्रक्रिया का हवाला देकर महिला के ओरिजनल शैक्षणिक दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर किए हुए कोरे कागज भी अपने पास मंगवा लिए।
मामला सुपेला थाना क्षेत्र की स्मृतिनगर चौकी का है। कोहका निवासी 40 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि सरकारी नौकरी की उम्मीद में उसने अपने सोने के गहने गिरवी रखकर पैसे जुटाए और आरोपी द्वारा दिए गए यूपीआई आईडी पर कुल ₹1.50 लाख ट्रांसफर किए। इसके बाद आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा। जब महिला ने नौकरी, पैसे और दस्तावेज वापस मांगे तो उसने मोबाइल बंद कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि 6 मई 2026 को व्हाट्सएप के माध्यम से आरोपी ने महिला से संपर्क कर ऑनलाइन रकम हासिल की थी। प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के साक्ष्य मिलने पर आरोपी अर्जुन कसेर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी, बैंक खाते, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही महिला की रकम और मूल दस्तावेज बरामद करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
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