रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र में स्थित एमएसपी प्लांट से ₹14.22 लाख मूल्य के एमएस चैनल और एमएस बीम की सुनियोजित हेराफेरी का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। आरोपियों ने फर्जी ड्राइवर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरे ट्रांसपोर्टर के वाहन नंबर का इस्तेमाल कर माल को गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय धनबाद में बेच दिया।पुलिस के अनुसार, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 नवंबर 2025 को खुद को ट्रांसपोर्टर राजेंद्र राम यादव का ड्राइवर बताने वाला एक व्यक्ति एमएसपी प्लांट जामगांव पहुंचा। उसने वाहन क्रमांक CG-15-AC-2383 के नंबर का उपयोग कर करीब ₹14.22 लाख कीमत का एमएस चैनल और एमएस बीम ट्रक में लोड कराया, लेकिन माल कभी निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचा।जांच के दौरान पुलिस ने प्लांट के रिकॉर्ड, लोडिंग दस्तावेज और ट्रांसपोर्टर से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आया कि पूरी वारदात पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। आरोपियों ने करीब 30 टन लोहा धनबाद में बेच दिया और ट्रक व माल का सौदा करीब ₹7 लाख में कर दिया।पुलिस ने भगतपुरी गोस्वामी, तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख, अभय कुमार रवानी और प्रेम कुमार रवानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं राजीव मल्लिक और फर्जी ड्राइवर पुष पुरी गोस्वामी की तलाश जारी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत संगठित अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र में स्थित एमएसपी प्लांट से ₹14.22 लाख मूल्य के एमएस चैनल और एमएस बीम की सुनियोजित हेराफेरी का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। आरोपियों ने फर्जी ड्राइवर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरे ट्रांसपोर्टर के वाहन नंबर का इस्तेमाल कर माल को गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय धनबाद में बेच दिया।
पुलिस के अनुसार, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 नवंबर 2025 को खुद को ट्रांसपोर्टर राजेंद्र राम यादव का ड्राइवर बताने वाला एक व्यक्ति एमएसपी प्लांट जामगांव पहुंचा। उसने वाहन क्रमांक CG-15-AC-2383 के नंबर का उपयोग कर करीब ₹14.22 लाख कीमत का एमएस चैनल और एमएस बीम ट्रक में लोड कराया, लेकिन माल कभी निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचा।
जांच के दौरान पुलिस ने प्लांट के रिकॉर्ड, लोडिंग दस्तावेज और ट्रांसपोर्टर से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आया कि पूरी वारदात पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। आरोपियों ने करीब 30 टन लोहा धनबाद में बेच दिया और ट्रक व माल का सौदा करीब ₹7 लाख में कर दिया।
पुलिस ने भगतपुरी गोस्वामी, तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख, अभय कुमार रवानी और प्रेम कुमार रवानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं राजीव मल्लिक और फर्जी ड्राइवर पुष पुरी गोस्वामी की तलाश जारी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत संगठित अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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