छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, पुलिस, NHAI और जिला प्रशासन पर कड़ी नाराजगी जताई है। साल 2025 में प्रदेश में 15,484 सड़क दुर्घटनाओं में 6,967 लोगों की मौत हुई, जबकि 13,156 लोग घायल हुए। वहीं 2026 के शुरुआती पांच महीनों में ही 3,170 लोगों की जान जा चुकी है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने सवाल उठाया कि क्या पुलिस का काम सिर्फ आवारा मवेशियों को हांकना है या सड़क व्यवस्था भी संभालना है। कोर्ट ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें, ओवरलोडिंग, अवैध पार्किंग, ब्लैक स्पॉट्स और NHAI की लापरवाही पर 10 दिनों के भीतर शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है। रायपुर को सबसे बड़ा डेथ जोन बताया गया है। इस रिपोर्ट में जानिए हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, सड़क हादसों के चौंकाने वाले आंकड़े और प्रशासन को दिए गए अहम निर्देश।
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