महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी विकास गर्ग को रायपुर की विशेष अदालत ने 24 जुलाई तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड पर भेज दिया है। ईडी ने 14 जुलाई को विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया था और ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाकर अदालत में पेश किया। एजेंसी ने पूछताछ के लिए 10 दिन की रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।ईडी के अनुसार, विकास गर्ग ने महादेव बेटिंग ऐप से जुड़ी अवैध कमाई को भारत और विदेशों में निवेश करने का नेटवर्क तैयार किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने करीब 940 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की। यह रकम कथित तौर पर विभिन्न कंपनियों के जरिए शेयर कैपिटल, फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI), पोर्टफोलियो निवेश और अन्य वित्तीय माध्यमों में लगाई गई।जांच में यह भी सामने आया है कि विकास गर्ग के संबंध हरिशंकर टिंबरेवाल से थे, जिसके माध्यम से महादेव ऐप से जुड़े धन को बैंकिंग चैनलों और अलग-अलग खातों के जरिए वैध दिखाने का प्रयास किया गया। ईडी का आरोप है कि कर्मचारियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर सैलरी भुगतान के रूप में नकदी को बैंकिंग सिस्टम में दाखिल किया जाता था।ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय के अनुसार, विकास गर्ग ने दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में कई कंपनियां रजिस्टर कराई थीं। अमेरिका में एक कंपनी के जरिए कथित रूप से दिवालिया परिसंपत्तियों की खरीद और शेयर कैपिटल के माध्यम से निवेश किया गया। ईडी ने 5 जून को 940 करोड़ रुपये की संपत्ति अंतरिम रूप से अटैच भी की थी। अब रिमांड के दौरान एजेंसी विदेशों में किए गए निवेश, कंपनियों के नेटवर्क और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन पूछताछ करेगी।
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