दुर्ग। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े 8 म्यूल बैंक खाताधारकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने महज 10 से 15 हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को सौंप दिए थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में हुई ऑनलाइन ठगी की रकम के लेन-देन और मनी ट्रेल छिपाने के लिए किया जा रहा था।पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर थाना छावनी, उतई, दुर्ग कोतवाली और ACCU दुर्ग की संयुक्त टीम ने बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और ट्रांजेक्शन की मनी ट्रेल खंगाली। जांच के दौरान साइबर अपराधियों द्वारा संचालित म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क सामने आया। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच जारी है।दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और संबंधित व्यक्ति को भी साइबर अपराध में आरोपी बनाया जा सकता है। किसी भी साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में देने की सलाह दी गई है।
दुर्ग। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े 8 म्यूल बैंक खाताधारकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने महज 10 से 15 हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को सौंप दिए थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में हुई ऑनलाइन ठगी की रकम के लेन-देन और मनी ट्रेल छिपाने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर थाना छावनी, उतई, दुर्ग कोतवाली और ACCU दुर्ग की संयुक्त टीम ने बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और ट्रांजेक्शन की मनी ट्रेल खंगाली। जांच के दौरान साइबर अपराधियों द्वारा संचालित म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क सामने आया। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच जारी है।
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और संबंधित व्यक्ति को भी साइबर अपराध में आरोपी बनाया जा सकता है। किसी भी साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में देने की सलाह दी गई है।
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