बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर स्थित नूतन चौक के पास बने बाल संप्रेक्षण गृह में पदस्थ एक सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक चौकीदार का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि चौकीदार के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में बाल संप्रेक्षण गृह में रह रहे 4 नाबालिग बंदियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से आरोपियों की भूमिका की पुष्टि नहीं की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।जांच अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। यदि जांच में हत्या की पुष्टि होती है, तो संबंधित किशोरों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर स्थित नूतन चौक के पास बने बाल संप्रेक्षण गृह में पदस्थ एक सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक चौकीदार का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि चौकीदार के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में बाल संप्रेक्षण गृह में रह रहे 4 नाबालिग बंदियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से आरोपियों की भूमिका की पुष्टि नहीं की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
जांच अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। यदि जांच में हत्या की पुष्टि होती है, तो संबंधित किशोरों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
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