अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से कथित चोरी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान पिछले 40 दिनों की CCTV फुटेज की समीक्षा की गई, जिसमें कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर करीब 70 बार नकदी को जेबों, जूतों और कपड़ों में छिपाने जैसी संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है।बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। जांच एजेंसियां अब इन फुटेज के आधार पर संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित घटनाओं में कितने लोग शामिल थे और चढ़ावे की कितनी राशि प्रभावित हुई।इस पूरे मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक आयोजित की गई। करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक में SIT जांच की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने, भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम तथा ट्रस्ट की आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों को लेकर भी मंथन हुआ।फिलहाल जांच जारी है और ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक रूप से जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की बात कही गई है। मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद देशभर के श्रद्धालुओं के बीच मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।नोट: यह विवरण उपलब्ध रिपोर्टों और प्रारंभिक जांच संबंधी जानकारी पर आधारित है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से कथित चोरी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान पिछले 40 दिनों की CCTV फुटेज की समीक्षा की गई, जिसमें कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर करीब 70 बार नकदी को जेबों, जूतों और कपड़ों में छिपाने जैसी संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। जांच एजेंसियां अब इन फुटेज के आधार पर संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित घटनाओं में कितने लोग शामिल थे और चढ़ावे की कितनी राशि प्रभावित हुई।
इस पूरे मामले के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाईलेवल बैठक आयोजित की गई। करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक में SIT जांच की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने, भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम तथा ट्रस्ट की आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों को लेकर भी मंथन हुआ।
फिलहाल जांच जारी है और ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक रूप से जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की बात कही गई है। मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद देशभर के श्रद्धालुओं के बीच मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नोट: यह विवरण उपलब्ध रिपोर्टों और प्रारंभिक जांच संबंधी जानकारी पर आधारित है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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