जम्मू-कश्मीर में 3 जुलाई से शुरू हुई पवित्र अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। यात्रा के पहले तीन दिनों में ही 56,961 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं। रविवार को अकेले 24,648 श्रद्धालुओं ने बालटाल और पहलगाम-चंदनवाड़ी मार्ग से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा पहुंचकर पूजा-अर्चना की। यात्रा के पहले दो दिनों में 32,313 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात की व्यापक व्यवस्था की है। बालटाल और नुनवान बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के कारण 9 जुलाई तक के सभी पंजीकरण स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं। प्रशासन ने अपंजीकृत श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा स्थगित करने और केवल पंजीकरण के बाद ही कश्मीर की ओर रवाना होने की अपील की है।अमरनाथ यात्रा इस वर्ष पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से संचालित की जा रही है। जम्मू के पंजीकरण केंद्रों पर भी यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सोमवार को हजारों श्रद्धालु नए पंजीकरण और टोकन के लिए सुबह से ही लाइन में लगे रहे।यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए रामबन स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मार्ग पर 16 मेडिकल टीमें तैनात की हैं। चंदरकोट यात्री निवास और लैंबर यात्रा कैंप में मिनी अस्पताल बनाए गए हैं, जहां ईसीजी, कार्डियक मॉनिटर, नेबुलाइज़र और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। करीब 20 डॉक्टरों और 50 पैरामेडिकल कर्मचारियों सहित 75 सदस्यीय मेडिकल टीम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार तैनात है। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी।
जम्मू-कश्मीर में 3 जुलाई से शुरू हुई पवित्र अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। यात्रा के पहले तीन दिनों में ही 56,961 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं। रविवार को अकेले 24,648 श्रद्धालुओं ने बालटाल और पहलगाम-चंदनवाड़ी मार्ग से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा पहुंचकर पूजा-अर्चना की। यात्रा के पहले दो दिनों में 32,313 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात की व्यापक व्यवस्था की है। बालटाल और नुनवान बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भारी भीड़ के कारण 9 जुलाई तक के सभी पंजीकरण स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं। प्रशासन ने अपंजीकृत श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा स्थगित करने और केवल पंजीकरण के बाद ही कश्मीर की ओर रवाना होने की अपील की है।
अमरनाथ यात्रा इस वर्ष पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से संचालित की जा रही है। जम्मू के पंजीकरण केंद्रों पर भी यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सोमवार को हजारों श्रद्धालु नए पंजीकरण और टोकन के लिए सुबह से ही लाइन में लगे रहे।
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए रामबन स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मार्ग पर 16 मेडिकल टीमें तैनात की हैं। चंदरकोट यात्री निवास और लैंबर यात्रा कैंप में मिनी अस्पताल बनाए गए हैं, जहां ईसीजी, कार्डियक मॉनिटर, नेबुलाइज़र और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। करीब 20 डॉक्टरों और 50 पैरामेडिकल कर्मचारियों सहित 75 सदस्यीय मेडिकल टीम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार तैनात है। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी।
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