दुर्ग जिले के धमधा में महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक से जुड़े दो आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।मामले की शिकायत सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि अशोक कुमार वर्मा ने थाना धमधा में दर्ज कराई। संस्था का सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के साथ अनुबंध है, जिसके तहत महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाता है। संस्था द्वारा किए गए ऑडिट में धमधा शाखा में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि शाखा प्रबंधक और कुछ कर्मचारियों ने ग्राहकों से ऋण की किस्त, लोन क्लोजर और अन्य मदों में प्राप्त राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की।संस्था ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर राशि जमा करने और स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया, लेकिन किसी ने न तो रकम लौटाई और न ही नोटिस का जवाब दिया। विस्तृत ऑडिट में खुलासा हुआ कि 267 महिला ग्राहकों से प्राप्त कुल 1.11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आपराधिक षड्यंत्र के तहत गबन किया गया। इसके बाद थाना धमधा में बीएनएस की धारा 316(5), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।पुलिस ने दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर साजा निवासी 23 वर्षीय अनिल विश्वकर्मा और पाटन निवासी 31 वर्षीय संदीप कुमार खूंटीहरे को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गबन की राशि के उपयोग तथा अन्य शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
दुर्ग जिले के धमधा में महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक से जुड़े दो आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
मामले की शिकायत सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि अशोक कुमार वर्मा ने थाना धमधा में दर्ज कराई। संस्था का सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के साथ अनुबंध है, जिसके तहत महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाता है। संस्था द्वारा किए गए ऑडिट में धमधा शाखा में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि शाखा प्रबंधक और कुछ कर्मचारियों ने ग्राहकों से ऋण की किस्त, लोन क्लोजर और अन्य मदों में प्राप्त राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की।
संस्था ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर राशि जमा करने और स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया, लेकिन किसी ने न तो रकम लौटाई और न ही नोटिस का जवाब दिया। विस्तृत ऑडिट में खुलासा हुआ कि 267 महिला ग्राहकों से प्राप्त कुल 1.11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आपराधिक षड्यंत्र के तहत गबन किया गया। इसके बाद थाना धमधा में बीएनएस की धारा 316(5), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर साजा निवासी 23 वर्षीय अनिल विश्वकर्मा और पाटन निवासी 31 वर्षीय संदीप कुमार खूंटीहरे को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गबन की राशि के उपयोग तथा अन्य शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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