रायपुर के नकटी गांव में 80 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में बुधवार को प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा दिए जा रहे ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों की सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि आवंटित घर बेहद छोटे हैं और उनमें परिवार के साथ रहना संभव नहीं है। उनका आरोप है कि पुनर्वास की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान रायपुर जिला कांग्रेस के कई नेता भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे।सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी की योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीबों का घर उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आवास बनाना न्यायोचित नहीं है। विधायक ने सुझाव दिया कि यदि नई विधायक कॉलोनी बनानी ही है तो उसे नया रायपुर की सरकारी खाली जमीन पर विकसित किया जाए।प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस मकानों का आवंटन किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण उचित पुनर्वास, पर्याप्त सुविधाएं और मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
रायपुर के नकटी गांव में 80 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में बुधवार को प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा दिए जा रहे ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों की सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि आवंटित घर बेहद छोटे हैं और उनमें परिवार के साथ रहना संभव नहीं है। उनका आरोप है कि पुनर्वास की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान रायपुर जिला कांग्रेस के कई नेता भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे।
सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी की योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीबों का घर उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आवास बनाना न्यायोचित नहीं है। विधायक ने सुझाव दिया कि यदि नई विधायक कॉलोनी बनानी ही है तो उसे नया रायपुर की सरकारी खाली जमीन पर विकसित किया जाए।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस मकानों का आवंटन किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण उचित पुनर्वास, पर्याप्त सुविधाएं और मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
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