रायपुर। राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां पुलिस मुख्यालय में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पुनदास अंचल से 5 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने नकद राशि के बदले ऑनलाइन 10 लाख रुपए ट्रांसफर करने का झांसा देकर वारदात को अंजाम दिया। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक वकील समेत तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता डीएसपी पुनदास अंचल की पहचान पिछले करीब दो वर्षों से नरेश दामोहे नामक व्यक्ति से थी। नरेश खुद को वकील होने के साथ-साथ फाइनेंस का कारोबार करने वाला बताता था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने डीएसपी को नकद रकम दोगुनी कर बैंक खाते में ट्रांसफर करने का लालच दिया।शिकायत के मुताबिक, 25 जून को नरेश ने डीएसपी को कमल विहार स्थित एक अस्पताल के सामने बुलाया। वहां 5 लाख रुपए नकद लेकर पहुंचने के बाद आरोपी ने अपने सहयोगियों के नहीं आने की बात कहकर उन्हें अभनपुर रोड स्थित दूसरे स्थान पर बुला लिया। इसके बाद रात करीब 9 बजे नेताजी चौक, कटोरा तालाब पहुंचने के लिए कहा गया।बताया गया कि नरेश अपने दो साथियों के साथ डीएसपी की कार में बैठकर इलेवन ग्राउंड पहुंचा। इसी दौरान आरोपी के बुलाने पर तीन अन्य लोग भी वहां पहुंच गए और आपस में विवाद करने लगे। डीएसपी विवाद देखने के लिए कार से बाहर निकले। वापस लौटने पर कार में रखा मोबाइल, दस्तावेज और अन्य सामान सुरक्षित मिला, लेकिन सूटकेस में रखे 5 लाख रुपए गायब थे।पीड़ित का आरोप है कि नरेश दामोहे और उसके साथियों ने मौका पाकर सूटकेस से नकदी निकाल ली और फरार हो गए। घटना के बाद डीएसपी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।सिविल लाइन थाना प्रभारी यमन देवांगन ने बताया कि शिकायत के आधार पर वकील नरेश दामोहे सहित तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने की बात कही गई है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां पुलिस मुख्यालय में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पुनदास अंचल से 5 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने नकद राशि के बदले ऑनलाइन 10 लाख रुपए ट्रांसफर करने का झांसा देकर वारदात को अंजाम दिया। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक वकील समेत तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता डीएसपी पुनदास अंचल की पहचान पिछले करीब दो वर्षों से नरेश दामोहे नामक व्यक्ति से थी। नरेश खुद को वकील होने के साथ-साथ फाइनेंस का कारोबार करने वाला बताता था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने डीएसपी को नकद रकम दोगुनी कर बैंक खाते में ट्रांसफर करने का लालच दिया।
शिकायत के मुताबिक, 25 जून को नरेश ने डीएसपी को कमल विहार स्थित एक अस्पताल के सामने बुलाया। वहां 5 लाख रुपए नकद लेकर पहुंचने के बाद आरोपी ने अपने सहयोगियों के नहीं आने की बात कहकर उन्हें अभनपुर रोड स्थित दूसरे स्थान पर बुला लिया। इसके बाद रात करीब 9 बजे नेताजी चौक, कटोरा तालाब पहुंचने के लिए कहा गया।
बताया गया कि नरेश अपने दो साथियों के साथ डीएसपी की कार में बैठकर इलेवन ग्राउंड पहुंचा। इसी दौरान आरोपी के बुलाने पर तीन अन्य लोग भी वहां पहुंच गए और आपस में विवाद करने लगे। डीएसपी विवाद देखने के लिए कार से बाहर निकले। वापस लौटने पर कार में रखा मोबाइल, दस्तावेज और अन्य सामान सुरक्षित मिला, लेकिन सूटकेस में रखे 5 लाख रुपए गायब थे।
पीड़ित का आरोप है कि नरेश दामोहे और उसके साथियों ने मौका पाकर सूटकेस से नकदी निकाल ली और फरार हो गए। घटना के बाद डीएसपी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सिविल लाइन थाना प्रभारी यमन देवांगन ने बताया कि शिकायत के आधार पर वकील नरेश दामोहे सहित तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने की बात कही गई है।
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