दुर्ग में कूरियर कंपनियों पर सख्ती: CCTV लगाना होगा अनिवार्य, संदिग्ध पार्सल की सूचना तुरंत पुलिस को देनी होगी

दुर्ग जिले में कूरियर और ई-कॉमर्स सेवाओं के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब जिले में संचालित सभी कूरियर कंपनियों और पार्सल बुकिंग केंद्रों को नए सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे लगाना, पार्सल भेजने और प्राप्त करने वालों की पूरी जानकारी दर्ज करना तथा संदिग्ध पार्सलों की सूचना तत्काल पुलिस को देना अनिवार्य कर दिया गया है।

सोमवार को सेक्टर-06 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में दुर्ग पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न कूरियर कंपनियों के संचालकों और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता भिलाई नगर नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सत्यप्रकाश तिवारी ने की।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हाल के वर्षों में कूरियर और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही इन माध्यमों का इस्तेमाल प्रतिबंधित नशीले पदार्थों, अवैध दवाइयों और घातक हथियारों की सप्लाई के लिए किए जाने की आशंकाएं भी बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया है।

अधिकारियों ने सभी कूरियर संचालकों को निर्देशित किया कि किसी भी पार्सल की बुकिंग के दौरान भेजने वाले और प्राप्त करने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी दर्ज की जाए। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान के लिए आधार कार्ड की कॉपी लेना अनिवार्य होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से किसी भी जांच की स्थिति में संबंधित व्यक्ति तक पहुंचना आसान होगा और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

बैठक में सीसीटीवी निगरानी को भी अनिवार्य बनाया गया। CSP सत्यप्रकाश तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कूरियर कार्यालयों और पार्सल बुकिंग केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही कम से कम एक महीने तक फुटेज सुरक्षित रखी जाए। पुलिस का मानना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जांच के दौरान यह फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में काम कर सकती है।

इसके अलावा अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी पार्सल को लेकर संदेह हो या उसमें प्रतिबंधित दवाइयों, नशीले पदार्थों अथवा किसी अन्य अवैध सामग्री के होने की आशंका हो, तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित थाना और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दी जाए। ऐसी सूचना देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

बैठक में दवाइयों से जुड़े पार्सलों के लिए अलग रजिस्टर रखने के निर्देश भी दिए गए। इस रजिस्टर में दवा भेजने वाले और प्राप्त करने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। साथ ही ऐसे मामलों में अधिक से अधिक ऑनलाइन भुगतान को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई, ताकि भुगतान संबंधी रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहे और जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को सहायता मिल सके।

बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक संचालक संजय सिंह, औषधि निरीक्षक विष्णु प्रसाद साहू, गायत्री पटेल, जागेश्वरी साहू सहित जिले की कई प्रमुख कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि इन नए निर्देशों का उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा बढ़ाना और कूरियर नेटवर्क के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

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