जांजगीर-चांपा जिले में किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने एक ऐसे संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य विदेशी नंबरों के साथ बातचीत के सबूत मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सेवक सिंह के रूप में हुई है। वह पंजाब के तरन तारण जिले के पट्टी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है और पिछले कुछ समय से जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी को 21 जून को चलाए गए किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया।पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर जिले में संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली थी कि अकलतरा के मिनीमाता चौक स्थित एक मकान में बाहरी राज्यों के कुछ लोग किराए पर रह रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वहां रह रहे लोगों का सत्यापन शुरू किया।जांच के दौरान सेवक सिंह की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसके जवाबों में कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन खंगाला, जिसमें विदेशी नंबरों से संपर्क के कई डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया गया।पुलिस के अनुसार, मोबाइल जांच में पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य विदेशी नंबरों के साथ चैट, कॉल रिकॉर्ड और वीडियो कॉल से जुड़ी जानकारियां सामने आई हैं। आरोपी कथित तौर पर वॉट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी संपर्कों के साथ लगातार बातचीत कर रहा था। शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह पाकिस्तान में बैठे ISI समर्थित नेटवर्क से जुड़ा हुआ हो सकता है।जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि आरोपी छत्तीसगढ़ की कुछ संवेदनशील जगहों, महत्वपूर्ण व्यक्तियों, वाहनों के नंबर और फोटो-वीडियो जैसी जानकारियां साझा कर रहा था। हालांकि इस संबंध में अभी विस्तृत जांच जारी है और पुलिस सभी डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि करने में जुटी हुई है।पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। मोबाइल से प्राप्त चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, वीडियो कॉल हिस्ट्री और अन्य डिजिटल डेटा की विशेषज्ञों द्वारा जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।जांच के दौरान एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही थी। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि हथियार मिलने के बाद उसे किसी खास व्यक्ति या स्थान को निशाना बनाने जैसे कार्य सौंपे जा सकते थे। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।फिलहाल आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और उसके संभावित नेटवर्क तथा संपर्कों की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
जांजगीर-चांपा जिले में किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने एक ऐसे संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य विदेशी नंबरों के साथ बातचीत के सबूत मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सेवक सिंह के रूप में हुई है। वह पंजाब के तरन तारण जिले के पट्टी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है और पिछले कुछ समय से जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी को 21 जून को चलाए गए किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर जिले में संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली थी कि अकलतरा के मिनीमाता चौक स्थित एक मकान में बाहरी राज्यों के कुछ लोग किराए पर रह रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वहां रह रहे लोगों का सत्यापन शुरू किया।
जांच के दौरान सेवक सिंह की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसके जवाबों में कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन खंगाला, जिसमें विदेशी नंबरों से संपर्क के कई डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया गया।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल जांच में पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य विदेशी नंबरों के साथ चैट, कॉल रिकॉर्ड और वीडियो कॉल से जुड़ी जानकारियां सामने आई हैं। आरोपी कथित तौर पर वॉट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी संपर्कों के साथ लगातार बातचीत कर रहा था। शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह पाकिस्तान में बैठे ISI समर्थित नेटवर्क से जुड़ा हुआ हो सकता है।
जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि आरोपी छत्तीसगढ़ की कुछ संवेदनशील जगहों, महत्वपूर्ण व्यक्तियों, वाहनों के नंबर और फोटो-वीडियो जैसी जानकारियां साझा कर रहा था। हालांकि इस संबंध में अभी विस्तृत जांच जारी है और पुलिस सभी डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि करने में जुटी हुई है।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। मोबाइल से प्राप्त चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, वीडियो कॉल हिस्ट्री और अन्य डिजिटल डेटा की विशेषज्ञों द्वारा जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
जांच के दौरान एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही थी। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि हथियार मिलने के बाद उसे किसी खास व्यक्ति या स्थान को निशाना बनाने जैसे कार्य सौंपे जा सकते थे। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और उसके संभावित नेटवर्क तथा संपर्कों की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
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