दुर्ग में रेलवे लाइन किनारे चला बुलडोजर: हाईकोर्ट के आदेश पर 4 दुकानें ढहीं, 33 को स्टे मिलने से टली कार्रवाई

दुर्ग नगर निगम ने गुरुवार सुबह बोरसी भाठा क्षेत्र में दुर्ग-बालोद रेलवे लाइन के किनारे बने अतिक्रमणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के पालन में की गई। सुबह से ही मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम तैनात रही, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

कार्रवाई शुरू होने से पहले नगर निगम के अधिकारियों ने संबंधित स्थानों पर नोटिस चस्पा किए। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।

दरअसल, रेलवे लाइन से लगे क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर पहले एसडीएम न्यायालय ने निर्माण हटाने का आदेश दिया था। प्रभावित पक्षों ने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, लेकिन करीब एक सप्ताह पहले एसडीएम कोर्ट ने इन अपीलों को खारिज कर दिया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां कुल 37 दुकानों और मकानों को हटाने का आदेश जारी किया गया।

हालांकि, इन 37 प्रभावित पक्षों में से 33 लोगों ने समय रहते न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर लिया। इसके कारण फिलहाल उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी। वहीं चार ऐसे निर्माण थे, जिनके पास किसी प्रकार का स्टे आदेश नहीं था। इसी वजह से नगर निगम ने उन्हीं चार दुकानों को हटाने की कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल, एसडीएम कार्यालय के अधिकारी, तहसीलदार वीरेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सुबह करीब पांच बजे से ही भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक भूमि और रेलवे लाइन से लगे क्षेत्रों में अवैध कब्जों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों को न्यायालय से राहत नहीं मिली है, उनके खिलाफ नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

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