महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से जुड़े कथित यूजरनेम के बीच बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। वायरल स्क्रीनशॉट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वायरल चैट को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फोटोशॉप की गई तस्वीरों के आधार पर झूठी खबरें चलाई जा रही हैं। भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि वायरल किए जा रहे स्क्रीनशॉट का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है और उनके नाम से दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है।उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से फर्जी जानकारी फैलाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में शामिल लोगों की जानकारी उनकी लीगल टीम के पास पहुंच चुकी है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इधर, वायरल स्क्रीनशॉट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राजनीतिक छवि धूमिल करने की कोशिश है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से जुड़े कथित यूजरनेम के बीच बातचीत का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। वायरल स्क्रीनशॉट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वायरल चैट को पूरी तरह फर्जी बताते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फोटोशॉप की गई तस्वीरों के आधार पर झूठी खबरें चलाई जा रही हैं। भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि वायरल किए जा रहे स्क्रीनशॉट का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है और उनके नाम से दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से फर्जी जानकारी फैलाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में शामिल लोगों की जानकारी उनकी लीगल टीम के पास पहुंच चुकी है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, वायरल स्क्रीनशॉट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राजनीतिक छवि धूमिल करने की कोशिश है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
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