छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 10 गुना मुनाफे और रकम दोगुनी करने के लालच में एक किसान से 21 लाख 32 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। ठगों ने टेलीग्राम के जरिए किसान को अपने जाल में फंसाया और करीब एक साल के दौरान 160 ट्रांजेक्शन के माध्यम से उसके बैंक खातों से पूरी रकम निकलवा ली। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक ग्राम भरारी बड़पारा निवासी 38 वर्षीय नारायण सिंह राज खेती-किसानी के साथ साइकिल मरम्मत की दुकान भी चलाते हैं। वह टेलीग्राम का उपयोग करते थे। 28 अक्टूबर 2024 को उनके मोबाइल पर एक अनजान लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही वह "इंडिया प्रोमो ट्रेडिंग कंपनी" नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ गए।ग्रुप के संचालकों ने खुद को फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कम समय में रकम दोगुनी करने और 10 हजार रुपए निवेश करने पर 24 घंटे में 1 लाख रुपए तक का मुनाफा दिलाने का दावा किया। शुरुआत में पीड़ित से छोटी रकम निवेश कराई गई और फिर उसके खाते में 6 लाख 80 हजार रुपए का फर्जी मुनाफा दिखाया गया। इससे उसका भरोसा बढ़ता गया और वह लगातार निवेश करता रहा।ठगों ने उसे यह भरोसा भी दिलाया कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और मनी बैक गारंटी दी जाएगी। इसी लालच में किसान ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खातों से अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए।शिकायत के अनुसार दिसंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच कुल 160 बार पैसे ट्रांसफर किए गए। कई बार कुछ ही मिनटों के अंतराल में लगातार रकम जमा कराई गई। 23 जनवरी 2025 को सुबह 7:45 बजे से 8:17 बजे के बीच पांच बार ट्रांजेक्शन कराकर कुल 50 हजार रुपए जमा करा लिए गए।जब नारायण सिंह ने अपने पैसे वापस निकालने की कोशिश की तो कोई भुगतान नहीं हुआ। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद वे 46 पन्नों की ट्रांजेक्शन डिटेल लेकर पुलिस के पास पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में ट्रांजेक्शन देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।पुलिस का कहना है कि अधिक मुनाफे और जल्दी अमीर बनने के लालच में लोग आसानी से साइबर ठगों का शिकार हो जाते हैं। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर फॉरेक्स ट्रेडिंग या रकम दोगुनी करने का दावा करने वाले अधिकांश ग्रुप फर्जी होते हैं। ऐसे लिंक और एप्स से दूरी बनाकर रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और भारी मुनाफे के लालच में आकर ऑनलाइन निवेश करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 10 गुना मुनाफे और रकम दोगुनी करने के लालच में एक किसान से 21 लाख 32 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। ठगों ने टेलीग्राम के जरिए किसान को अपने जाल में फंसाया और करीब एक साल के दौरान 160 ट्रांजेक्शन के माध्यम से उसके बैंक खातों से पूरी रकम निकलवा ली। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम भरारी बड़पारा निवासी 38 वर्षीय नारायण सिंह राज खेती-किसानी के साथ साइकिल मरम्मत की दुकान भी चलाते हैं। वह टेलीग्राम का उपयोग करते थे। 28 अक्टूबर 2024 को उनके मोबाइल पर एक अनजान लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही वह "इंडिया प्रोमो ट्रेडिंग कंपनी" नाम के एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ गए।
ग्रुप के संचालकों ने खुद को फॉरेक्स ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कम समय में रकम दोगुनी करने और 10 हजार रुपए निवेश करने पर 24 घंटे में 1 लाख रुपए तक का मुनाफा दिलाने का दावा किया। शुरुआत में पीड़ित से छोटी रकम निवेश कराई गई और फिर उसके खाते में 6 लाख 80 हजार रुपए का फर्जी मुनाफा दिखाया गया। इससे उसका भरोसा बढ़ता गया और वह लगातार निवेश करता रहा।
ठगों ने उसे यह भरोसा भी दिलाया कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और मनी बैक गारंटी दी जाएगी। इसी लालच में किसान ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खातों से अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए।
शिकायत के अनुसार दिसंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच कुल 160 बार पैसे ट्रांसफर किए गए। कई बार कुछ ही मिनटों के अंतराल में लगातार रकम जमा कराई गई। 23 जनवरी 2025 को सुबह 7:45 बजे से 8:17 बजे के बीच पांच बार ट्रांजेक्शन कराकर कुल 50 हजार रुपए जमा करा लिए गए।
जब नारायण सिंह ने अपने पैसे वापस निकालने की कोशिश की तो कोई भुगतान नहीं हुआ। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद वे 46 पन्नों की ट्रांजेक्शन डिटेल लेकर पुलिस के पास पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में ट्रांजेक्शन देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
पुलिस का कहना है कि अधिक मुनाफे और जल्दी अमीर बनने के लालच में लोग आसानी से साइबर ठगों का शिकार हो जाते हैं। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर फॉरेक्स ट्रेडिंग या रकम दोगुनी करने का दावा करने वाले अधिकांश ग्रुप फर्जी होते हैं। ऐसे लिंक और एप्स से दूरी बनाकर रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और भारी मुनाफे के लालच में आकर ऑनलाइन निवेश करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
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