दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने नकली सोने के बिस्किटों को असली सोना बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 1.242 किलोग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन तथा अन्य साक्ष्य सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से लोगों को झांसे में लेकर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।मामले का खुलासा थाना उतई क्षेत्र में दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान हुआ। बोरसी निवासी जितेंद्र साहू ने थाना उतई में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उन्हें जमीन में गड़ा हुआ खजाना मिलने की कहानी सुनाकर नकली सोना बेचने का प्रयास किया और धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 288/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को विश्वास में लेने के लिए एक सुनियोजित कहानी तैयार करते थे। वे बताते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ एक हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और सिक्के निकले हैं। इसके बाद वे उन नकली धातु के टुकड़ों को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर बेचने का लालच देते थे। सस्ते दाम में सोना मिलने की चाहत में कई लोग उनके झांसे में आ जाते थे और रकम देकर ठगी का शिकार हो जाते थे।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। मोबाइल लोकेशन, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा अन्य तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने विभिन्न जिलों में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश कुमार टंडन (50 वर्ष) निवासी गाड़ाडीह थाना उतई जिला दुर्ग, पन्नालाल कुर्रे (42 वर्ष) निवासी सीपत पिपरिया जिला कोरबा, गणेशराम गंधर्व (56 वर्ष) निवासी सहसपुर लोहारा जिला कबीरधाम, रामस्वरूप रौतेल (30 वर्ष) निवासी जगतपुर थाना करंजिया जिला डिंडोरी (मध्यप्रदेश) तथा भानुप्रताप डहरिया (40 वर्ष) निवासी तारा भाटापारा थाना पाटन जिला दुर्ग शामिल हैं।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, करीब 6.38 ग्राम वजन का सोने के सिक्के जैसा दिखने वाला धातु का सिक्का, घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार क्रमांक CG-04-HC-6220, मोबाइल फोन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य सामग्री बरामद की है। प्रारंभिक जांच में जब्त धातु नकली पाई गई है, जिसका उपयोग लोगों को धोखा देने के लिए किया जा रहा था।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पन्नालाल कुर्रे के खिलाफ इसी प्रकार की ठगी से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी मिली है। वहीं आरोपी दिनेश कुमार टंडन के विरुद्ध पूर्व में मारपीट और संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस को प्राप्त हुई है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।दुर्ग पुलिस ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तकनीकी विश्लेषण, सतत निगरानी, समन्वित कार्रवाई और त्वरित विवेचना के चलते अंतरजिला ठगी गिरोह का सफलतापूर्वक खुलासा किया जा सका।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सस्ते दाम पर सोना, चांदी या अन्य बहुमूल्य वस्तुएं बेचने का प्रस्ताव देता है तो बिना सत्यापन किसी भी प्रकार का लेन-देन न करें। ऐसे मामलों में संबंधित वस्तु की जांच और प्रमाणिकता सुनिश्चित करना आवश्यक है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, ठगी या धोखाधड़ी की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को देने की अपील की गई है, ताकि समय रहते कार्रव
दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने नकली सोने के बिस्किटों को असली सोना बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 1.242 किलोग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन तथा अन्य साक्ष्य सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से लोगों को झांसे में लेकर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
मामले का खुलासा थाना उतई क्षेत्र में दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान हुआ। बोरसी निवासी जितेंद्र साहू ने थाना उतई में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उन्हें जमीन में गड़ा हुआ खजाना मिलने की कहानी सुनाकर नकली सोना बेचने का प्रयास किया और धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 288/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को विश्वास में लेने के लिए एक सुनियोजित कहानी तैयार करते थे। वे बताते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ एक हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और सिक्के निकले हैं। इसके बाद वे उन नकली धातु के टुकड़ों को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर बेचने का लालच देते थे। सस्ते दाम में सोना मिलने की चाहत में कई लोग उनके झांसे में आ जाते थे और रकम देकर ठगी का शिकार हो जाते थे।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। मोबाइल लोकेशन, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा अन्य तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने विभिन्न जिलों में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश कुमार टंडन (50 वर्ष) निवासी गाड़ाडीह थाना उतई जिला दुर्ग, पन्नालाल कुर्रे (42 वर्ष) निवासी सीपत पिपरिया जिला कोरबा, गणेशराम गंधर्व (56 वर्ष) निवासी सहसपुर लोहारा जिला कबीरधाम, रामस्वरूप रौतेल (30 वर्ष) निवासी जगतपुर थाना करंजिया जिला डिंडोरी (मध्यप्रदेश) तथा भानुप्रताप डहरिया (40 वर्ष) निवासी तारा भाटापारा थाना पाटन जिला दुर्ग शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, करीब 6.38 ग्राम वजन का सोने के सिक्के जैसा दिखने वाला धातु का सिक्का, घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार क्रमांक CG-04-HC-6220, मोबाइल फोन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य सामग्री बरामद की है। प्रारंभिक जांच में जब्त धातु नकली पाई गई है, जिसका उपयोग लोगों को धोखा देने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पन्नालाल कुर्रे के खिलाफ इसी प्रकार की ठगी से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी मिली है। वहीं आरोपी दिनेश कुमार टंडन के विरुद्ध पूर्व में मारपीट और संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस को प्राप्त हुई है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
दुर्ग पुलिस ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तकनीकी विश्लेषण, सतत निगरानी, समन्वित कार्रवाई और त्वरित विवेचना के चलते अंतरजिला ठगी गिरोह का सफलतापूर्वक खुलासा किया जा सका।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सस्ते दाम पर सोना, चांदी या अन्य बहुमूल्य वस्तुएं बेचने का प्रस्ताव देता है तो बिना सत्यापन किसी भी प्रकार का लेन-देन न करें। ऐसे मामलों में संबंधित वस्तु की जांच और प्रमाणिकता सुनिश्चित करना आवश्यक है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, ठगी या धोखाधड़ी की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को देने की अपील की गई है, ताकि समय रहते कार्रव
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