बालोद जिले में मानसून की दस्तक से पहले खाद की उपलब्धता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन का दावा है कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और लगातार आपूर्ति की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का आरोप है कि किसान खाद के लिए परेशान हैं और सोसाइटियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।प्रीतपाल बेलचंदन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बावजूद किसानों को पहली बार खाद डालने के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि आगे की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी खाद की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और जिले में खाद की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं बनेगी।उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक केंद्र में सरकार चलाने के बावजूद कांग्रेस ने उर्वरक उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उर्वरक उत्पादन और कंपनियों की क्षमता बढ़ाने पर काम किया है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।वहीं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने सत्ता पक्ष के दावों को पूरी तरह हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में मोदी सरकार है और अपनी कमियों का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ना उचित नहीं है। हिरवानी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कभी खाद और बीज की ऐसी समस्या नहीं रही और किसानों को समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते थे।कांग्रेस का आरोप है कि जिले में कई किसान खाद नहीं मिलने से परेशान हैं और मजबूरी में निजी दुकानों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि निजी दुकानों में भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है। ऐसे में खेती-किसानी की तैयारी कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई है।अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है या किसानों को खाद के लिए अभी भी संघर्ष करना पड़ रहा है? इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी संग्राम लगातार तेज होता जा रहा है।
बालोद जिले में मानसून की दस्तक से पहले खाद की उपलब्धता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन का दावा है कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और लगातार आपूर्ति की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का आरोप है कि किसान खाद के लिए परेशान हैं और सोसाइटियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
प्रीतपाल बेलचंदन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बावजूद किसानों को पहली बार खाद डालने के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि आगे की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी खाद की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और जिले में खाद की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं बनेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक केंद्र में सरकार चलाने के बावजूद कांग्रेस ने उर्वरक उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उर्वरक उत्पादन और कंपनियों की क्षमता बढ़ाने पर काम किया है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।
वहीं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने सत्ता पक्ष के दावों को पूरी तरह हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में मोदी सरकार है और अपनी कमियों का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ना उचित नहीं है। हिरवानी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कभी खाद और बीज की ऐसी समस्या नहीं रही और किसानों को समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते थे।
कांग्रेस का आरोप है कि जिले में कई किसान खाद नहीं मिलने से परेशान हैं और मजबूरी में निजी दुकानों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि निजी दुकानों में भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है। ऐसे में खेती-किसानी की तैयारी कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है या किसानों को खाद के लिए अभी भी संघर्ष करना पड़ रहा है? इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी संग्राम लगातार तेज होता जा रहा है।
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