छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से जमीन धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। पाटन थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हली में संयुक्त स्वामित्व वाली कृषि भूमि को बेचने के लिए सेना में तैनात सगे भाई की जगह दूसरे व्यक्ति को पेश कर फर्जी तरीके से जमीन बेचने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने साल 2023 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके बड़े भाई ने संयुक्त नाम की कृषि भूमि को बेचने के लिए धोखाधड़ी की साजिश रची। जमीन की रजिस्ट्री के दौरान सेना में पदस्थ भाई की जगह किसी अन्य व्यक्ति को पेश किया गया और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने आर्थिक लाभ लेने के लिए सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। घटना के बाद आरोपी लगातार फरार था।पुलिस टीम ने 7 जून 2026 को घेराबंदी कर आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान ईश्वर दास (60) निवासी महादेवघाट, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले ने संयुक्त संपत्ति और भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया में होने वाली धोखाधड़ी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से जमीन धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। पाटन थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हली में संयुक्त स्वामित्व वाली कृषि भूमि को बेचने के लिए सेना में तैनात सगे भाई की जगह दूसरे व्यक्ति को पेश कर फर्जी तरीके से जमीन बेचने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने साल 2023 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके बड़े भाई ने संयुक्त नाम की कृषि भूमि को बेचने के लिए धोखाधड़ी की साजिश रची। जमीन की रजिस्ट्री के दौरान सेना में पदस्थ भाई की जगह किसी अन्य व्यक्ति को पेश किया गया और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने आर्थिक लाभ लेने के लिए सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। घटना के बाद आरोपी लगातार फरार था।
पुलिस टीम ने 7 जून 2026 को घेराबंदी कर आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान ईश्वर दास (60) निवासी महादेवघाट, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले ने संयुक्त संपत्ति और भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया में होने वाली धोखाधड़ी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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