बंधक मकान पर बेटे का दोबारा कब्जा, बैंक की सील तोड़ी: 26 लाख के होम लोन विवाद में FIR, ई-नीलामी भी रुकी

दुर्ग में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की बंधक संपत्ति पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। बैंक अधिकारियों की शिकायत पर पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने एक युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि युवक ने बैंक द्वारा सरफेसी एक्ट के तहत कब्जे में ली गई संपत्ति का सीलबंद ताला दो बार तोड़कर मकान पर दोबारा कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं, बैंक की ओर से संपत्ति पर लगाए गए कब्जे संबंधी नोटिस और सूचना चिह्नों को भी मिटा दिया गया।

मामला सुभाष नगर, कसारीडीह स्थित लगभग 1200 वर्गफीट भूमि और मकान से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार मोहम्मद कासिम खान और मोहम्मद नसीम खान ने इस संपत्ति को बंधक रखकर छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक से 26 लाख रुपए का आवास ऋण लिया था। बाद में मोहम्मद कासिम खान की मृत्यु हो गई और सह-ऋणी नसीम खान द्वारा ऋण की नियमित अदायगी नहीं की गई। लगातार बकाया रहने के कारण बैंक ने खाते को एनपीए घोषित कर दिया और सरफेसी एक्ट के तहत वसूली प्रक्रिया शुरू की।

जिला दंडाधिकारी दुर्ग के आदेश पर 21 मार्च 2025 को तहसीलदार और पुलिस बल की मौजूदगी में बैंक को संपत्ति का भौतिक कब्जा दिलाया गया। कार्रवाई के दौरान मकान को सीलबंद कर बैंक के आधिपत्य में दिया गया था। बैंक का आरोप है कि उसी दिन मृतक कासिम खान के बेटे मोहम्मद वसीम खान ने सीलबंद ताला तोड़कर मकान पर कब्जा कर लिया और परिवार सहित वहां रहने लगा।

इस घटना के बाद बैंक ने पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर जिला प्रशासन ने दोबारा कार्रवाई की और 10 मार्च 2026 को पुलिस बल की मौजूदगी में संपत्ति का कब्जा फिर से बैंक को सौंपा गया। मकान को दोबारा सीलबंद किया गया, लेकिन आरोप है कि कुछ समय बाद वसीम खान ने फिर ताला तोड़कर संपत्ति पर कब्जा जमा लिया।

इसी बीच बैंक ने बकाया ऋण की वसूली के लिए 27 अप्रैल 2026 को संपत्ति की ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि वसीम खान ने बिलासपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और वहां से 15 दिन की अंतरिम राहत हासिल कर ली। इसके चलते प्रस्तावित ई-नीलामी प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करना पड़ा।

बैंक अधिकारियों के अनुसार 28 अप्रैल 2026 को क्षेत्रीय प्रबंधक और एनपीए मैनेजर महिला पुलिसकर्मी के साथ संपत्ति का निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि बैंक द्वारा लगाए गए सीलबंद ताले गायब थे और उनकी जगह दूसरे ताले लगे हुए थे। इसके अलावा बैंक की ओर से दीवारों पर स्प्रे पेंट से लिखी गई भौतिक कब्जे की सूचना को भी रंग-रोगन कर मिटा दिया गया था। आसपास के लोगों ने मौखिक रूप से बताया कि मकान पर दोबारा कब्जा मोहम्मद वसीम खान ने किया है।

शिकायत में नामांतरण प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बैंक का दावा है कि बंधक संपत्ति में उसकी अनुमति के बिना मृतक कासिम खान का नाम हटाकर वसीम खान, नसीम खान और अन्य परिजनों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा दिए गए। बैंक का कहना है कि बंधक संपत्ति में इस प्रकार का नामांतरण नियमों के विरुद्ध है।

क्षेत्रीय प्रबंधक एनी अंसारी की शिकायत पर पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 329(3) और 324(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दस्तावेजों, कब्जे की वैधानिक स्थिति और बैंक द्वारा लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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