NDPS केस में आरोपी को छोड़ने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप, ऑडियो वायरल होते ही दो SI सस्पेंड

दुर्ग जिले में एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में आरोपी पक्ष से कथित रूप से पैसे मांगने का ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुरानी भिलाई थाना में पदस्थ उप निरीक्षक तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाना में पदस्थ उप निरीक्षक देव लाल साहू को निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों को रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच किया गया है। साथ ही नगर पुलिस अधीक्षक छावनी को पूरे मामले की प्राथमिक जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार थाना पुरानी भिलाई में दर्ज अपराध क्रमांक 288/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले में आरोपी पक्ष से पैसे मांगने का वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल सामग्री के प्रारंभिक परीक्षण में दोनों अधिकारियों का आचरण संदिग्ध और विभागीय नियमों के विपरीत प्रतीत होने पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई। विभागीय जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारियों को सक्रिय पुलिस कार्य से अलग रखा गया है।

इधर मामले में सामने आई महिला जसबीर ने पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसकी मां और एक युवक को बिना पर्याप्त आधार के कार्रवाई के दायरे में लिया गया। उसके अनुसार उसकी मां को केवल पूछताछ के नाम पर बुलाया गया था, जबकि जिस युवक को पकड़ा गया था उसे लंबे समय तक थाने में रखने के बाद न्यायालय में पेश किया गया।

महिला ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान पहले उससे 5 हजार रुपए लिए गए और बाद में और रकम की मांग की गई। उसका दावा है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से युवक को छोड़ने के एवज में कुल 50 हजार रुपए मांगे गए थे। महिला के अनुसार लिखापढ़ी और अन्य कागजी प्रक्रिया के नाम पर भी अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही थी। उसने कहा कि जिस युवक को गिरफ्तार किया गया है वह वास्तविक आरोपी नहीं है, इसके बावजूद उसे मामले में फंसाया गया।

महिला ने यह भी दावा किया कि उसके पास पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद है। उसके मुताबिक बातचीत में यह भी कहा गया था कि मांगी गई रकम का कुछ हिस्सा वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाना होगा। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी मां से अलग स्तर पर करीब 2 लाख रुपए की मांग की बात भी सामने आई थी। हालांकि उसने स्पष्ट किया कि इस संबंध में उसकी सीधे तौर पर संबंधित पुलिस टीम से बातचीत नहीं हुई थी।

मामले को लेकर महिला ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसने कहा कि घटनास्थल और संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौके से वास्तव में क्या बरामद हुआ था। महिला का दावा है कि उसके पास उस मोबाइल फोन से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी भी मौजूद है, जिसके आधार पर कथित रूप से उन्हें बुलाया गया था।

फिलहाल पुलिस विभाग ने वायरल ऑडियो-वीडियो और लगाए गए आरोपों को जांच का विषय माना है। अब सभी की नजरें प्राथमिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।

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