बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित खाद्य तेल कारोबारी की एजेंसी में शनिवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे लगी इस आग पर कई घंटों की मशक्कत के बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। घटना तारबाहर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में दमकलकर्मी और पुलिस बल राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद गोदाम से धुएं का घना गुबार उठने लगा और देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें आसपास के क्षेत्र में दिखाई देने लगीं। गोदाम में भारी मात्रा में खाद्य तेल का स्टॉक रखा हुआ था, जिसके कारण आग और अधिक भड़क गई। बताया जा रहा है कि अंदर तीन बड़े ऑयल टैंक मौजूद थे, जहां तेल की पैकेजिंग और भंडारण का काम किया जाता था। तेल जैसे ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और हालात बेकाबू होते नजर आए।आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की छह से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया जा सका। हालात को देखते हुए गोदाम की दीवार जेसीबी मशीन से तोड़ी गई ताकि अंदर तक पानी पहुंचाकर आग बुझाने का प्रयास किया जा सके। राहत कार्य के दौरान आसपास मौजूद व्यापारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद पूरे व्यापार विहार इलाके में दहशत का माहौल देखा गया।जानकारी के मुताबिक जिस गोदाम में आग लगी वह तेल व्यापारी निमेष अग्रवाल की चौधरी एजेंसी का बताया जा रहा है। यहां खाद्य तेल का भंडारण और पैकिंग का कार्य किया जाता था। व्यापारी ने इस आगजनी में करीब 2 करोड़ रुपए के माल के नुकसान का दावा किया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।घटना के बाद निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने मामले की जांच कराने की बात कही है। बताया जा रहा है कि नियमों के अनुसार इस तरह के ऑयल टैंक इंडस्ट्रियल एरिया में बनाए जाते हैं। ऐसे में गोदाम संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर भी जांच की जाएगी। फिलहाल दमकल और प्रशासनिक टीमें मौके पर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित खाद्य तेल कारोबारी की एजेंसी में शनिवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे लगी इस आग पर कई घंटों की मशक्कत के बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। घटना तारबाहर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में दमकलकर्मी और पुलिस बल राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद गोदाम से धुएं का घना गुबार उठने लगा और देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें आसपास के क्षेत्र में दिखाई देने लगीं। गोदाम में भारी मात्रा में खाद्य तेल का स्टॉक रखा हुआ था, जिसके कारण आग और अधिक भड़क गई। बताया जा रहा है कि अंदर तीन बड़े ऑयल टैंक मौजूद थे, जहां तेल की पैकेजिंग और भंडारण का काम किया जाता था। तेल जैसे ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और हालात बेकाबू होते नजर आए।
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की छह से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया जा सका। हालात को देखते हुए गोदाम की दीवार जेसीबी मशीन से तोड़ी गई ताकि अंदर तक पानी पहुंचाकर आग बुझाने का प्रयास किया जा सके। राहत कार्य के दौरान आसपास मौजूद व्यापारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद पूरे व्यापार विहार इलाके में दहशत का माहौल देखा गया।
जानकारी के मुताबिक जिस गोदाम में आग लगी वह तेल व्यापारी निमेष अग्रवाल की चौधरी एजेंसी का बताया जा रहा है। यहां खाद्य तेल का भंडारण और पैकिंग का कार्य किया जाता था। व्यापारी ने इस आगजनी में करीब 2 करोड़ रुपए के माल के नुकसान का दावा किया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने मामले की जांच कराने की बात कही है। बताया जा रहा है कि नियमों के अनुसार इस तरह के ऑयल टैंक इंडस्ट्रियल एरिया में बनाए जाते हैं। ऐसे में गोदाम संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर भी जांच की जाएगी। फिलहाल दमकल और प्रशासनिक टीमें मौके पर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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