दुर्ग जिले में साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सुपेला थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब चार साल से साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने का काम कर रहे थे। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन किए गए हैं।गिरफ्तार आरोपियों में मनोज कुमार भुतड़ा निवासी ग्राम बिरेतरा जिला बालोद, केवल सेठिया निवासी केसलुर जिला बस्तर और सत्यनारायण सेठिया निवासी मांझीगुड़ा थाना दरभा जिला बस्तर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों को सुपेला ओवरब्रिज के पास पांच रास्ता हनुमान मंदिर के करीब घेराबंदी कर पकड़ा।जांच में सामने आया है कि मनोज भुतड़ा वर्ष 2022 से म्यूल अकाउंट नेटवर्क चला रहा था। वह बालोद, गुंडरदेही, दुर्ग, जगदलपुर और आसपास के इलाकों में लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद इन खातों को अलग-अलग राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों और आर्थिक अपराधियों को बेच दिया जाता था।पुलिस के मुताबिक आरोपी साधारण सेविंग अकाउंट 15 से 20 हजार रुपए में बेचते थे, जबकि करंट अकाउंट की कीमत 40 से 50 हजार रुपए तक होती थी। अब तक 200 से ज्यादा बैंक खाते खोले जाने की जानकारी मिली है। इनमें इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक समेत कई निजी बैंकों के खाते शामिल हैं।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 3 फिनो पेमेंट किट, 3 आधार कार्ड और एक पैन कार्ड जब्त किया है। जांच एजेंसियों को खातों में करोड़ों रुपए के लेनदेन के सबूत भी मिले हैं। पुलिस अब इन खातों के जरिए हुई साइबर ठगी और अन्य आर्थिक अपराधों की जांच कर रही है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी बैंक खाते खुलवाने के लिए जरूरी मिनिमम बैलेंस की रकम भी खुद जमा करते थे। खाता चालू होने के बाद रकम निकाल ली जाती थी। इतना ही नहीं, जिन खातों में बड़े ट्रांजेक्शन होते थे, उन्हें आरोपी बैंक में होल्ड भी करवा देते थे और बाद में बैंक अधिकारियों से संपर्क कर होल्ड हटवाकर रकम निकालते थे। इससे पुलिस को शक है कि गिरोह की पहुंच कुछ बैंक कर्मचारियों तक भी हो सकती है।दुर्ग पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद, सूरत, रायपुर और जगदलपुर की पुलिस भी मनोज भुतड़ा की तलाश कर रही थी। वर्तमान में वह बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र के तर्राभाठा गांव में रह रहा था। उसके साथी बस्तर और बालोद इलाके में सक्रिय थे।पूछताछ में गिरोह से जुड़े कई और लोगों के नाम सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को रवाना किया गया है। मामले में सुपेला थाना में अपराध क्रमांक 718/2026 के तहत धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
दुर्ग जिले में साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सुपेला थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब चार साल से साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने का काम कर रहे थे। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में मनोज कुमार भुतड़ा निवासी ग्राम बिरेतरा जिला बालोद, केवल सेठिया निवासी केसलुर जिला बस्तर और सत्यनारायण सेठिया निवासी मांझीगुड़ा थाना दरभा जिला बस्तर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों को सुपेला ओवरब्रिज के पास पांच रास्ता हनुमान मंदिर के करीब घेराबंदी कर पकड़ा।
जांच में सामने आया है कि मनोज भुतड़ा वर्ष 2022 से म्यूल अकाउंट नेटवर्क चला रहा था। वह बालोद, गुंडरदेही, दुर्ग, जगदलपुर और आसपास के इलाकों में लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद इन खातों को अलग-अलग राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों और आर्थिक अपराधियों को बेच दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी साधारण सेविंग अकाउंट 15 से 20 हजार रुपए में बेचते थे, जबकि करंट अकाउंट की कीमत 40 से 50 हजार रुपए तक होती थी। अब तक 200 से ज्यादा बैंक खाते खोले जाने की जानकारी मिली है। इनमें इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक समेत कई निजी बैंकों के खाते शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 3 फिनो पेमेंट किट, 3 आधार कार्ड और एक पैन कार्ड जब्त किया है। जांच एजेंसियों को खातों में करोड़ों रुपए के लेनदेन के सबूत भी मिले हैं। पुलिस अब इन खातों के जरिए हुई साइबर ठगी और अन्य आर्थिक अपराधों की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी बैंक खाते खुलवाने के लिए जरूरी मिनिमम बैलेंस की रकम भी खुद जमा करते थे। खाता चालू होने के बाद रकम निकाल ली जाती थी। इतना ही नहीं, जिन खातों में बड़े ट्रांजेक्शन होते थे, उन्हें आरोपी बैंक में होल्ड भी करवा देते थे और बाद में बैंक अधिकारियों से संपर्क कर होल्ड हटवाकर रकम निकालते थे। इससे पुलिस को शक है कि गिरोह की पहुंच कुछ बैंक कर्मचारियों तक भी हो सकती है।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद, सूरत, रायपुर और जगदलपुर की पुलिस भी मनोज भुतड़ा की तलाश कर रही थी। वर्तमान में वह बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र के तर्राभाठा गांव में रह रहा था। उसके साथी बस्तर और बालोद इलाके में सक्रिय थे।
पूछताछ में गिरोह से जुड़े कई और लोगों के नाम सामने आए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को रवाना किया गया है। मामले में सुपेला थाना में अपराध क्रमांक 718/2026 के तहत धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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