भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में मई माह के पहले सप्ताह में हुई सिलसिलेवार चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दिल्ली-मेरठ के अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में कुख्यात आरोपी नासिर हुसैन को लंबी पीछा कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी पर छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में करोड़ों की चोरी की वारदातों में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 20 लाख रुपए की संपत्ति भी जब्त की है।इस पूरे मामले में पुलिस ने पहले 17 मई 2026 को मेरठ निवासी आरोपी हासिम खान को गिरफ्तार किया था। उसके साथ चोरी का जेवर खरीदने वाले मेरठ के ज्वेलरी कारोबारी सलीम खान को भी पकड़ा गया था। दोनों आरोपियों से लगभग 60 लाख रुपए के चोरी के सोने के जेवर बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य और फरार सदस्य नासिर हुसैन दिल्ली के शाहीन बाग, मदनपुर खादर और नोएडा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में लगातार ठिकाना बदलकर छिप रहा था।आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से काम किया। स्थानीय स्तर पर जानकारी नहीं मिलने के बाद पुलिस की सिविल टीम क्षेत्र में बकरा विक्रेताओं के बीच रहकर कई दिनों तक सक्रिय रही। टीम ने खुद को स्थानीय माहौल में ढालते हुए संदिग्ध लोगों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने जनगणना अधिकारी का वेश धारण कर घर-घर जाकर आरोपी के बारे में जानकारी एकत्र की। करीब एक सप्ताह तक यह अभियान पूरी गोपनीयता से चलाया गया।इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चोरी के गहनों से खरीदी गई कार में बिहार के दरभंगा भागने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और यमुना एक्सप्रेस-वे पर 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भाग रहे आरोपी का करीब 300 किलोमीटर तक पीछा किया। आखिरकार आगरा रोड क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।पूछताछ में नासिर हुसैन ने वर्ष 2019 से भोपाल, इंदौर, चंडीगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और भिलाई सहित कई शहरों में करोड़ों की चोरी में शामिल होने की बात कबूल की। आरोपी ने चोरी की रकम से खरीदी गई करीब 10 लाख रुपए की सेकंड हैंड कार का भी इस्तेमाल अपराध में करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर डायमंड नेकलेस, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के, नगदी और अन्य सामान बरामद किया है।
भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में मई माह के पहले सप्ताह में हुई सिलसिलेवार चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दिल्ली-मेरठ के अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में कुख्यात आरोपी नासिर हुसैन को लंबी पीछा कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी पर छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में करोड़ों की चोरी की वारदातों में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 20 लाख रुपए की संपत्ति भी जब्त की है।
इस पूरे मामले में पुलिस ने पहले 17 मई 2026 को मेरठ निवासी आरोपी हासिम खान को गिरफ्तार किया था। उसके साथ चोरी का जेवर खरीदने वाले मेरठ के ज्वेलरी कारोबारी सलीम खान को भी पकड़ा गया था। दोनों आरोपियों से लगभग 60 लाख रुपए के चोरी के सोने के जेवर बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य और फरार सदस्य नासिर हुसैन दिल्ली के शाहीन बाग, मदनपुर खादर और नोएडा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में लगातार ठिकाना बदलकर छिप रहा था।
आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से काम किया। स्थानीय स्तर पर जानकारी नहीं मिलने के बाद पुलिस की सिविल टीम क्षेत्र में बकरा विक्रेताओं के बीच रहकर कई दिनों तक सक्रिय रही। टीम ने खुद को स्थानीय माहौल में ढालते हुए संदिग्ध लोगों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने जनगणना अधिकारी का वेश धारण कर घर-घर जाकर आरोपी के बारे में जानकारी एकत्र की। करीब एक सप्ताह तक यह अभियान पूरी गोपनीयता से चलाया गया।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चोरी के गहनों से खरीदी गई कार में बिहार के दरभंगा भागने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और यमुना एक्सप्रेस-वे पर 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भाग रहे आरोपी का करीब 300 किलोमीटर तक पीछा किया। आखिरकार आगरा रोड क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ में नासिर हुसैन ने वर्ष 2019 से भोपाल, इंदौर, चंडीगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और भिलाई सहित कई शहरों में करोड़ों की चोरी में शामिल होने की बात कबूल की। आरोपी ने चोरी की रकम से खरीदी गई करीब 10 लाख रुपए की सेकंड हैंड कार का भी इस्तेमाल अपराध में करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर डायमंड नेकलेस, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के, नगदी और अन्य सामान बरामद किया है।
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