बंद पॉलिसी चालू कराने के नाम पर किसान से 3.90 लाख की ठगी: PNB MetLife के 3 लाख दिलाने का झांसा देकर खाते में जमा कराए रुपए

दुर्ग जिले के बोरी थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किसान को बंद पॉलिसी दोबारा चालू कराने और लाखों रुपए दिलाने का लालच देकर करीब 3 लाख 90 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर किसान को भरोसे में लिया और अलग-अलग बहानों से रकम जमा करवाई। मामले में चौकी लिटिया सेमरिया पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक ग्राम हिर्री निवासी 51 वर्षीय हेमंत कुमार साहू खेती-किसानी का काम करते हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में PNB MetLife के सुपर सर्वर प्लान के तहत इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। शुरुआती प्रीमियम जमा करने के बाद आर्थिक कारणों से वे आगे की किश्त नहीं भर सके, जिससे पॉलिसी बंद हो गई थी।

पीड़ित किसान ने पुलिस को बताया कि 7 मई 2026 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मन्नत वर्मा बताते हुए कहा कि उनकी बंद पॉलिसी दोबारा शुरू कराई जा सकती है। आरोपी ने कहा कि अगर दो किस्त जमा कर दी जाए तो उन्हें करीब 3 लाख 2 हजार रुपए वापस मिल जाएंगे। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और फोटो व्हाट्सएप के जरिए मंगवाई।

इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को विजय श्रीवास्तव बताते हुए बैंक खाता नंबर भेजा और पहली किश्त के रूप में 30 हजार रुपए जमा करने को कहा। किसान हेमंत साहू ने आरोपी के बताए अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र की नगपुरा शाखा जाकर रकम जमा कर दी।

कुछ समय बाद फिर कॉल आया और कहा गया कि पॉलिसी एजेंट पर पेनाल्टी लगी है, जिसे हटाने और पैसा रिलीज कराने के लिए सरकार को टैक्स देना होगा। इसके नाम पर 1 लाख 8 हजार रुपए जमा करवाए गए। इसके बाद 18 मई को तीसरे व्यक्ति ने खुद को जगदीश सिंह ठाकुर बताते हुए कहा कि उनके खाते में 9 लाख रुपए आने वाले हैं, लेकिन 25 प्रतिशत टैक्स के रूप में 2 लाख 52 हजार रुपए और जमा करने होंगे।

बार-बार रकम जमा कराने के बाद भी जब खाते में कोई पैसा नहीं आया, तब किसान को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने चौकी लिटिया सेमरिया पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Comments (0)

    Pls Add Data.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *