बलरामपुर जिले समेत देशभर में 20 मई को मेडिकल और दवा दुकानों की देशव्यापी बंदी का ऐलान किया गया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर किया जा रहा है। बलरामपुर केमिस्ट एवं मेडिसिन संघ ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी और कहा कि जिले की अधिकांश दवा दुकानें इस बंद में शामिल रहेंगी।संघ का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिससे छोटे और स्थानीय केमिस्टों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। दवा विक्रेताओं ने इसे आम व्यापारियों के लिए बड़ा खतरा बताते हुए ऑनलाइन मेडिसिन सेल पर रोक लगाने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित या बंद नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।डीसीडीए के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि देशभर के करीब 12 लाख से अधिक केमिस्ट 20 मई को अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा आपूर्ति का काम बड़े कॉर्पोरेट घरानों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि कोविड महामारी के दौरान घर-घर दवा पहुंचाने की जो व्यवस्था बनाई गई थी, अब उसकी आवश्यकता नहीं रह गई है।अजय गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार ने साल 2018 में आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रावधान लागू किए थे। कोविड काल में जीएसआर के माध्यम से ऑनलाइन दवा वितरण को अनुमति दी गई थी, लेकिन अब सामान्य परिस्थितियों में भी उसी व्यवस्था का फायदा उठाया जा रहा है। केमिस्ट संघ ने इन प्रावधानों को वापस लेने की मांग की है।दवा विक्रेता संघ का आरोप है कि स्थानीय मेडिकल दुकानों पर लगातार ड्रग इंस्पेक्टर की जांच होती है और कई नियमों का पालन करना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसी सख्ती दिखाई नहीं देती। इससे पारंपरिक द Game on! Embrace the spirit of sportsmanship Prev Push your limits, redefine what's possible Next Comments (0) Pls Add Data. Leave a Comment Your email address will not be published. Required fields are marked *
बलरामपुर जिले समेत देशभर में 20 मई को मेडिकल और दवा दुकानों की देशव्यापी बंदी का ऐलान किया गया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर किया जा रहा है। बलरामपुर केमिस्ट एवं मेडिसिन संघ ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी और कहा कि जिले की अधिकांश दवा दुकानें इस बंद में शामिल रहेंगी।
संघ का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिससे छोटे और स्थानीय केमिस्टों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। दवा विक्रेताओं ने इसे आम व्यापारियों के लिए बड़ा खतरा बताते हुए ऑनलाइन मेडिसिन सेल पर रोक लगाने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित या बंद नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
डीसीडीए के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि देशभर के करीब 12 लाख से अधिक केमिस्ट 20 मई को अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा आपूर्ति का काम बड़े कॉर्पोरेट घरानों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि कोविड महामारी के दौरान घर-घर दवा पहुंचाने की जो व्यवस्था बनाई गई थी, अब उसकी आवश्यकता नहीं रह गई है।
अजय गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार ने साल 2018 में आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रावधान लागू किए थे। कोविड काल में जीएसआर के माध्यम से ऑनलाइन दवा वितरण को अनुमति दी गई थी, लेकिन अब सामान्य परिस्थितियों में भी उसी व्यवस्था का फायदा उठाया जा रहा है। केमिस्ट संघ ने इन प्रावधानों को वापस लेने की मांग की है।
दवा विक्रेता संघ का आरोप है कि स्थानीय मेडिकल दुकानों पर लगातार ड्रग इंस्पेक्टर की जांच होती है और कई नियमों का पालन करना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसी सख्ती दिखाई नहीं देती। इससे पारंपरिक द
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