दुर्ग-भिलाई समेत प्रदेश के कई शहरों में दिनदहाड़े सूने मकानों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चोर गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उत्तरप्रदेश के मेरठ से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 63 लाख 50 हजार रुपए का मशरूका बरामद किया है। इसमें लगभग 400 ग्राम सोना जिसकी कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई जा रही है, साथ ही 3 लाख 50 हजार रुपए नगद शामिल हैं।पकड़े गए आरोपियों में हासीम खान और चोरी का माल खरीदने वाला ज्वेलर्स संचालक सलीम खान शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। मामले में दुर्ग पुलिस, सुपेला थाना और एसीसीयू टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।दरअसल, नेहरू नगर और दुर्ग क्षेत्र में लगातार दिन में हो रही चोरी की घटनाओं को पुलिस ने गंभीरता से लिया। लगातार बढ़ती वारदातों के बाद पुलिस ने इसे चैलेंज के रूप में स्वीकार किया और तकनीकी जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई दिनों की जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले।जांच के दौरान पता चला कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी कुछ दिनों से रायपुर के मोदहापारा इलाके में किराये का मकान लेकर रह रहे थे। वहीं से वे दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और नवा रायपुर जैसे शहरों में घूम-घूमकर रेकी करते थे।पुलिस के मुताबिक आरोपी फेरीवाले का भेष बदलते थे। वे कपड़ा और गलीचा बेचने के बहाने कॉलोनियों में घूमते थे और उन मकानों की पहचान करते थे जिनके गेट पर ताला लगा हो या घर सूना दिखाई देता हो। इसके बाद मौका मिलते ही आरोपी ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।वारदात के दौरान गिरोह का एक सदस्य घर के बाहर निगरानी करता था, जबकि दूसरा आरोपी घर के अंदर घुसकर जेवर और नकदी चोरी करता था। चोरी के बाद आरोपी तत्काल शहर छोड़ देते थे ताकि पुलिस को उन पर शक न हो।सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की टीम मेरठ और दिल्ली रवाना हुई। वहां मेरठ पुलिस और भोपाल पुलिस के सहयोग से आरोपी हासीम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर चोरी की कई वारदातों को अंजाम देना कबूल किया।आरोपी ने बताया कि उन्होंने बिलासपुर से एक एक्टिवा खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल चोरी की घटनाओं में किया जाता था। इसी वाहन से वे अलग-अलग शहरों में जाकर रेकी करते थे। पूछताछ में आरोपी ने दुर्ग, भिलाई, तिफरा बिलासपुर, नवा रायपुर और मध्यप्रदेश के जबलपुर में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चोरी किए गए सोने और जेवरात को मेरठ के सलीम ज्वेलर्स को बेचा जाता था। इसके बाद पुलिस ने ज्वेलर्स संचालक सलीम खान को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से करीब 400 ग्राम सोना और नगद रकम बरामद की गई।पुलिस के अनुसार बरामद सोने की कीमत करीब 60 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि 3 लाख 50 हजार रुपए नगद भी जब्त किए गए हैं। कुल मिलाकर 63 लाख 50 हजार रुपए का मशरूका बरामद किया गया है।गिरफ्तार आरोपी हासीम खान (24 वर्ष) मेरठ के श्याम नगर रोड शालीमार गार्डन इलाके का रहने वाला है। वहीं दूसरा आरोपी सलीम खान (28 वर्ष) शिवालकास, मेरठ का निवासी बताया गया है।दुर्ग पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। संभावित ठिकानों पर पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। संभावना जताई जा रही है कि गिरोह ने प्रदेश और आसपास के राज्यों में कई और चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया हो सकता है।इस कार्रवाई को दुर्ग पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस की इस कार्रवाई से कई मामलों का खुलासा हुआ है।
दुर्ग-भिलाई समेत प्रदेश के कई शहरों में दिनदहाड़े सूने मकानों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चोर गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उत्तरप्रदेश के मेरठ से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 63 लाख 50 हजार रुपए का मशरूका बरामद किया है। इसमें लगभग 400 ग्राम सोना जिसकी कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई जा रही है, साथ ही 3 लाख 50 हजार रुपए नगद शामिल हैं।
पकड़े गए आरोपियों में हासीम खान और चोरी का माल खरीदने वाला ज्वेलर्स संचालक सलीम खान शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। मामले में दुर्ग पुलिस, सुपेला थाना और एसीसीयू टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।
दरअसल, नेहरू नगर और दुर्ग क्षेत्र में लगातार दिन में हो रही चोरी की घटनाओं को पुलिस ने गंभीरता से लिया। लगातार बढ़ती वारदातों के बाद पुलिस ने इसे चैलेंज के रूप में स्वीकार किया और तकनीकी जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कई दिनों की जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले।
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी कुछ दिनों से रायपुर के मोदहापारा इलाके में किराये का मकान लेकर रह रहे थे। वहीं से वे दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और नवा रायपुर जैसे शहरों में घूम-घूमकर रेकी करते थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी फेरीवाले का भेष बदलते थे। वे कपड़ा और गलीचा बेचने के बहाने कॉलोनियों में घूमते थे और उन मकानों की पहचान करते थे जिनके गेट पर ताला लगा हो या घर सूना दिखाई देता हो। इसके बाद मौका मिलते ही आरोपी ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
वारदात के दौरान गिरोह का एक सदस्य घर के बाहर निगरानी करता था, जबकि दूसरा आरोपी घर के अंदर घुसकर जेवर और नकदी चोरी करता था। चोरी के बाद आरोपी तत्काल शहर छोड़ देते थे ताकि पुलिस को उन पर शक न हो।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की टीम मेरठ और दिल्ली रवाना हुई। वहां मेरठ पुलिस और भोपाल पुलिस के सहयोग से आरोपी हासीम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर चोरी की कई वारदातों को अंजाम देना कबूल किया।
आरोपी ने बताया कि उन्होंने बिलासपुर से एक एक्टिवा खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल चोरी की घटनाओं में किया जाता था। इसी वाहन से वे अलग-अलग शहरों में जाकर रेकी करते थे। पूछताछ में आरोपी ने दुर्ग, भिलाई, तिफरा बिलासपुर, नवा रायपुर और मध्यप्रदेश के जबलपुर में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चोरी किए गए सोने और जेवरात को मेरठ के सलीम ज्वेलर्स को बेचा जाता था। इसके बाद पुलिस ने ज्वेलर्स संचालक सलीम खान को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से करीब 400 ग्राम सोना और नगद रकम बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार बरामद सोने की कीमत करीब 60 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि 3 लाख 50 हजार रुपए नगद भी जब्त किए गए हैं। कुल मिलाकर 63 लाख 50 हजार रुपए का मशरूका बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी हासीम खान (24 वर्ष) मेरठ के श्याम नगर रोड शालीमार गार्डन इलाके का रहने वाला है। वहीं दूसरा आरोपी सलीम खान (28 वर्ष) शिवालकास, मेरठ का निवासी बताया गया है।
दुर्ग पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। संभावित ठिकानों पर पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। संभावना जताई जा रही है कि गिरोह ने प्रदेश और आसपास के राज्यों में कई और चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया हो सकता है।
इस कार्रवाई को दुर्ग पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस की इस कार्रवाई से कई मामलों का खुलासा हुआ है।
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