एस.आर. हॉस्पिटल में पैरामेडिकल छात्रों को प्रमाणपत्र वितरण: दुर्ग पुलिस ने साइबर सुरक्षा और नए BNS कानून की दी जानकारी

दुर्ग जिले के चिखली स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थान एस.आर. हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में पैरामेडिकल टेक्नीशियन कोर्स के छात्र-छात्राओं के लिए मार्कशीट वितरण एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सफल विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और अंकसूची प्रदान की गई, वहीं दुर्ग पुलिस की ओर से साइबर सुरक्षा और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) कानून को लेकर विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एसपी विजय अग्रवाल और साइबर सेल से डॉ. संकल्प रॉय शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ कानून और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता बताई।

संस्थान में छत्तीसगढ़ शासन से मान्यता प्राप्त विभिन्न पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इस वर्ष ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन और पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियन कोर्स के कुल 79 छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त की। इनमें पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियन में 20, एक्स-रे टेक्नीशियन में 30 और ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन में 30 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी।

मेधावी विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पैथोलॉजी विभाग में ईशा राठौड़ ने प्रथम, नीलम झांडगे ने द्वितीय और ओमेश्वरी साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन कोर्स में गोवर्धन पटेल प्रथम, डॉली जंघेल द्वितीय और देवनारायण तृतीय स्थान पर रहे। एक्स-रे टेक्नीशियन में भूपेश चंद्राकर ने प्रथम, पूरनलाल ने द्वितीय और देवेंद्र कुमार ने तृतीय स्थान हासिल किया।

प्रमाणपत्र और अंकसूची प्राप्त करने के बाद छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। संस्थान के चेयरमैन संजय तिवारी ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और ये छात्र भविष्य में समाज की सेवा में अहम योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित साइबर जागरूकता सत्र में दुर्ग पुलिस की टीम ने छात्रों और स्टाफ को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। छात्रों को मजबूत पासवर्ड, ओटीपी साझा न करने और संदिग्ध कॉल या लिंक से बचने की सलाह दी गई।

इसके साथ ही नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) कानून के प्रमुख प्रावधानों और नागरिकों के अधिकारों एवं कर्तव्यों की भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नए कानूनों की जानकारी हर नागरिक के लिए जरूरी है, ताकि लोग अपने अधिकारों को समझ सकें और कानून का पालन कर सकें।

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