राजधानी रायपुर में हाई अलर्ट और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मोबाइल लूट की घटना का शिकार हो गए। घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है, जब धरमलाल कौशिक रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया और मौके से फरार हो गए।जानकारी के मुताबिक यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास हुई। बताया जा रहा है कि धरमलाल कौशिक सुबह टहलते हुए इलाके से गुजर रहे थे। तभी तेज रफ्तार बाइक पर आए दो बदमाशों ने अचानक उनके हाथ में रखा मोबाइल छीना और तेजी से फरार हो गए। पूरी वारदात कुछ ही सेकंड में हुई, जिससे वे संभल भी नहीं सके।घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने भी बीजेपी नेता से लूट की घटना की पुष्टि की है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने पहले से रेकी की हो सकती है। मॉर्निंग वॉक के दौरान धरमलाल कौशिक के रूट और समय की जानकारी जुटाकर वारदात को अंजाम दिया गया हो सकता है। फिलहाल पुलिस शहर के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश कर रही है।इस घटना के बाद राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। खास बात यह है कि रायपुर में इन दिनों सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, इसके बावजूद शहर के बीचोंबीच एक वरिष्ठ नेता के साथ लूट की घटना हो गई। घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इस मामले को लेकर रायपुर कमिश्नरेट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद राजधानी में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पुलिस केवल चालान काटने और ट्रैफिक कार्रवाई तक सीमित होकर रह गई है, जबकि शहर में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से अपराध नियंत्रण को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।फिलहाल रायपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं इस घटना ने राजधानी में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
राजधानी रायपुर में हाई अलर्ट और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मोबाइल लूट की घटना का शिकार हो गए। घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है, जब धरमलाल कौशिक रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया और मौके से फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास हुई। बताया जा रहा है कि धरमलाल कौशिक सुबह टहलते हुए इलाके से गुजर रहे थे। तभी तेज रफ्तार बाइक पर आए दो बदमाशों ने अचानक उनके हाथ में रखा मोबाइल छीना और तेजी से फरार हो गए। पूरी वारदात कुछ ही सेकंड में हुई, जिससे वे संभल भी नहीं सके।
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने भी बीजेपी नेता से लूट की घटना की पुष्टि की है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने पहले से रेकी की हो सकती है। मॉर्निंग वॉक के दौरान धरमलाल कौशिक के रूट और समय की जानकारी जुटाकर वारदात को अंजाम दिया गया हो सकता है। फिलहाल पुलिस शहर के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
इस घटना के बाद राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। खास बात यह है कि रायपुर में इन दिनों सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, इसके बावजूद शहर के बीचोंबीच एक वरिष्ठ नेता के साथ लूट की घटना हो गई। घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इस मामले को लेकर रायपुर कमिश्नरेट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद राजधानी में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पुलिस केवल चालान काटने और ट्रैफिक कार्रवाई तक सीमित होकर रह गई है, जबकि शहर में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से अपराध नियंत्रण को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।
फिलहाल रायपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं इस घटना ने राजधानी में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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