दुर्ग जिले की पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पारिवारिक रिश्तों की आड़ में चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला नौशाद निकला, जो भिलाई के खुर्सीपार स्थित अपने ससुराल में रहकर ड्राइवरी का काम करता था। दिन में सामान्य जिंदगी जीने वाला नौशाद रात होते ही चोरी की साजिश रचता और अपने साढ़ू के साथ मिलकर सूने मकानों को निशाना बनाता था।🔹 ससुराल बना चोरी का अड्डापुलिस जांच में सामने आया कि नौशाद पहले शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर बंद पड़े मकानों की रेकी करता था। इसके बाद रात के समय अपने साढ़ू के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और कीमती सामान को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी उसकी पत्नी नगीना और साली मदीना संभालती थीं। दोनों बहनें चोरी के माल को गिरवी रखने और बेचने का काम करती थीं।🔹 1600 CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिला सुरागहाल के दिनों में गुरुनानक नगर, वैशाली नगर, जामुल, चरोदा, राधिका नगर, पुदुमनगर और बालोद जिले के करहीभदर क्षेत्र में चोरी की कई घटनाएं हुई थीं। लगातार बढ़ रही वारदातों के बाद पुलिस ने करीब 1600 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। अधिकांश फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। सोशल मीडिया और तकनीकी जांच के जरिए आखिरकार पुलिस नौशाद तक पहुंच गई।🔹 13 लाख से ज्यादा का माल बरामदपूछताछ में नौशाद ने छह चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और पावर हाउस स्थित शुभलाभ ज्वेलर्स से लगभग 60 ग्राम सोना, 850 ग्राम चांदी, कैमरा, इंडक्शन चूल्हा, 7,800 रुपए नकद और चोरी में इस्तेमाल किया गया हीरो डेस्टिनी स्कूटर जब्त किया। बरामद सामान की कुल कीमत 13 लाख 12 हजार 800 रुपए आंकी गई है।इस मामले में चोरी का सोना-चांदी खरीदने के आरोप में शुभलाभ ज्वेलर्स के संचालक दुर्गेश गोस्वामी को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, नौशाद का साढ़ू अब भी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। सीएसपी भिलाई नगर सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से चोरी करता था और परिवार के सदस्य मिलकर पूरे नेटवर्क को संचालित करते थे।
दुर्ग जिले की पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पारिवारिक रिश्तों की आड़ में चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला नौशाद निकला, जो भिलाई के खुर्सीपार स्थित अपने ससुराल में रहकर ड्राइवरी का काम करता था। दिन में सामान्य जिंदगी जीने वाला नौशाद रात होते ही चोरी की साजिश रचता और अपने साढ़ू के साथ मिलकर सूने मकानों को निशाना बनाता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि नौशाद पहले शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर बंद पड़े मकानों की रेकी करता था। इसके बाद रात के समय अपने साढ़ू के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और कीमती सामान को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी उसकी पत्नी नगीना और साली मदीना संभालती थीं। दोनों बहनें चोरी के माल को गिरवी रखने और बेचने का काम करती थीं।
हाल के दिनों में गुरुनानक नगर, वैशाली नगर, जामुल, चरोदा, राधिका नगर, पुदुमनगर और बालोद जिले के करहीभदर क्षेत्र में चोरी की कई घटनाएं हुई थीं। लगातार बढ़ रही वारदातों के बाद पुलिस ने करीब 1600 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। अधिकांश फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। सोशल मीडिया और तकनीकी जांच के जरिए आखिरकार पुलिस नौशाद तक पहुंच गई।
पूछताछ में नौशाद ने छह चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और पावर हाउस स्थित शुभलाभ ज्वेलर्स से लगभग 60 ग्राम सोना, 850 ग्राम चांदी, कैमरा, इंडक्शन चूल्हा, 7,800 रुपए नकद और चोरी में इस्तेमाल किया गया हीरो डेस्टिनी स्कूटर जब्त किया। बरामद सामान की कुल कीमत 13 लाख 12 हजार 800 रुपए आंकी गई है।
इस मामले में चोरी का सोना-चांदी खरीदने के आरोप में शुभलाभ ज्वेलर्स के संचालक दुर्गेश गोस्वामी को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, नौशाद का साढ़ू अब भी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। सीएसपी भिलाई नगर सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से चोरी करता था और परिवार के सदस्य मिलकर पूरे नेटवर्क को संचालित करते थे।
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